पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। ऐसे में 15 अगस्त के भाषण में युवा रोजगार, कौशल विकास और नई तकनीक से जुड़े अवसर प्रमुख विषय हो सकते हैं।
₹500 करोड़ का AI मिशन, युवाओं को तकनीक से जोड़ने की तैयारी
राज्य सरकार ने युवाओं के भविष्य को तकनीक से जोड़ने के लिए पांच साल की अवधि वाले ₹500 करोड़ के छत्तीसगढ़ राज्य AI मिशन को मंजूरी दी है। इसके तहत प्रदेश में 100 AI डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना है।
मिशन के जरिए करीब 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहयोग और 50 से ज्यादा AI आधारित सरकारी सेवाएं विकसित करने की योजना है।
भर्ती प्रक्रिया में बदलाव पर भी रहेगा जोर
युवाओं से जुड़े प्रमुख फैसलों में छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन भी शामिल है। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती को पारदर्शी, एकीकृत और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक, 2026 विधानसभा से पारित किया गया है।
वहीं CGPSC की भर्ती प्रक्रिया में भी सुधार किए गए हैं। सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया है। PSC भर्ती घोटाले की जांच CBI को सौंपे जाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को भी सरकार युवाओं के हित में उठाए गए कदम के रूप में बताती रही है।
SI मुख्य परीक्षा की नई तारीख घोषित
सब-इंस्पेक्टर कैडर और प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा-2024 को लेकर भी नया फैसला हुआ है। अक्टूबर में प्रस्तावित परीक्षा अब 2, 3 और 4 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। तारीख में बदलाव से अभ्यर्थियों को दूसरी परीक्षाओं के साथ संभावित टकराव से राहत मिलने की उम्मीद है।
कौशल विकास और रोजगार पर सरकार का फोकस
सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें उद्योगों से जोड़ने पर भी जोर दे रही है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत वर्ष 2013 से अब तक 4.90 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी है। इनमें करीब 2.71 लाख युवाओं को रोजगार मिलने का दावा किया गया है।
राज्य में फिलहाल 356 प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाओं के माध्यम से 207 पंजीकृत कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। जिलों में रोजगार मेले आयोजित कर युवाओं को निजी कंपनियों और उद्योगों से सीधे जोड़ने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
ITI के आधुनिकीकरण पर जोर
उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए ITI के आधुनिकीकरण पर भी सरकार का फोकस है। प्रधानमंत्री सेतु योजना के तहत छत्तीसगढ़ में 6 क्लस्टर चुने गए हैं। इनके जरिए ITI के उन्नयन और उद्योग आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की योजना है।
तकनीकी शिक्षा में भी युवाओं की रुचि बढ़ी है। सत्र 2025-26 में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में दाखिले में 31 प्रतिशत और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में 36 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है।
नई उद्योग नीति से रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद
सरकार सरकारी नौकरियों के साथ निजी क्षेत्र को भी युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम बनाने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, नई उद्योग नीति के तहत करीब ₹8 लाख करोड़ के MOU किए गए हैं। सेमीकंडक्टर, AI डेटा सेंटर और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इन उद्योगों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा होंगे।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े फैसले
शिक्षा के क्षेत्र में बस्तर में एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। जनजातीय विद्यार्थियों के लिए बेहतर उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ट्राइबल यूनिवर्सिटी की स्थापना की संभावना पर भी जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी विस्तार को उपलब्धि के रूप में पेश किया जा सकता है। राज्य में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित होने और पांच नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई है। इन नए कॉलेजों में कुल 250 सीटें स्वीकृत होने और इसी वर्ष पढ़ाई शुरू होने की बात कही गई है।
कुल मिलाकर, स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के युवाओं, रोजगार, भर्ती सुधार, कौशल विकास और AI आधारित भविष्य पर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रमुखता से सामने रखने की संभावना है।