खड़गे ने घटना को गंभीर बताते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया और मामले में कार्रवाई की मांग की। वहीं केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने भाजपा को इस घटना से अलग करते हुए कहा कि पार्टी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। उन्होंने मामले की जांच कराने का भरोसा भी दिया।
खड़गे बोले- ‘क्या लोकतंत्र में यही तरीका है?’
राज्यसभा में खड़गे ने कहा कि 8 अगस्त को उन्होंने जिस मंच से रैली को संबोधित किया था, वहां बाद में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा हवन किए जाने की जानकारी सामने आई। उन्होंने कहा कि उनके भाषण में किसी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया गया था और उन्होंने केवल स्थानीय लोगों की समस्याओं को उठाया था।
खड़गे ने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र में किसी नेता के कार्यक्रम के बाद इस तरह की कार्रवाई उचित है। उन्होंने मामले में केस दर्ज करने और जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग की।
नड्डा बोले- BJP ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती
कांग्रेस सांसदों की नारेबाजी के बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि भाजपा इस तरह की गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। उन्होंने खड़गे को आश्वासन दिया कि घटना की जांच कराई जाएगी।
नड्डा ने कहा कि जो कुछ भी हुआ, उसकी जांच होगी और पार्टी स्तर पर भी मामले को देखा जाएगा। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए खड़गे की भावनाएं आहत होने पर खेद जताया।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने का दावा
विवाद के बीच कथित ‘शुद्धिकरण’ समारोह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है। वीडियो में एक पुजारी को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन करते हुए दिखाया गया है।
वहीं एक अन्य वीडियो में आयोजन से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा स्थल के धार्मिक महत्व का हवाला देते हुए इसे राजनीतिक आयोजनों के लिए इस्तेमाल किए जाने पर आपत्ति जताते हुए देखा-सुना जा सकता है।
कांग्रेस ने BJP से जोड़ा, भाजपा ने किया इनकार
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि कथित अनुष्ठान श्री राम सेना नामक संगठन द्वारा कराया गया और इसे भाजपा से जुड़ा बताया। भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए आयोजन से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के पीछे की मानसिकता की कड़ी निंदा होनी चाहिए।
दूसरी ओर, भाजपा प्रवक्ता और उत्तराखंड के मंत्री खजान दास ने कहा कि रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारों से सनातन समुदाय की भावनाएं आहत हुई होंगी। उन्होंने रामलीला मैदान को धार्मिक महत्व वाला स्थल बताते हुए कहा कि वहां धार्मिक भावनाओं से जुड़े विवाद को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
फिलहाल, हल्द्वानी का यह विवाद राजनीतिक बयानबाजी के साथ संसद तक पहुंच चुका है और मामले की जांच के बाद तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।