पेट्रोल पर एक्सपोर्ट लेवी 50 पैसे प्रति लीटर
सरकार के संशोधन के बाद पेट्रोल पर निर्यात शुल्क 1.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 50 पैसे प्रति लीटर कर दिया गया है। यानी इसमें 1 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है।
वहीं, डीजल पर एक्सपोर्ट लेवी में 5 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है। डीजल पर पहले 25 रुपये प्रति लीटर की लेवी थी, जिसे घटाकर अब 20 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
डीजल लेवी में भी बड़ी कटौती
पिछली 25 रुपये प्रति लीटर की डीजल लेवी में स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) और रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस (RIC) शामिल थे। नई व्यवस्था के तहत कुल निर्यात शुल्क को घटाकर 20 रुपये प्रति लीटर किया गया है।
सरकार के इस कदम का सीधा असर विदेशों में पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करने वाली रिफाइनरियों और कंपनियों पर पड़ने वाले शुल्क पर होगा।
ATF पर भी 4 रुपये प्रति लीटर की राहत
हवाई जहाजों में इस्तेमाल होने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर भी एक्सपोर्ट लेवी कम की गई है। ATF पर शुल्क 19 रुपये से घटाकर 15 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
इस तरह ATF पर निर्यात शुल्क में 4 रुपये प्रति लीटर की कटौती हुई है। नई दरें फिलहाल दो सप्ताह के लिए प्रभावी रहेंगी और इसके बाद परिस्थितियों के आधार पर सरकार इसकी समीक्षा कर सकती है।
क्या पेट्रोल-डीजल के दाम भी होंगे कम?
एक्सपोर्ट लेवी में कटौती का मतलब यह नहीं है कि घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतें तुरंत कम हो जाएंगी। निर्यात शुल्क विदेश भेजे जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू होता है।
घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम, रुपये की विनिमय दर, केंद्र व राज्य कर और तेल कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति जैसे कई कारकों का असर पड़ता है।
निर्यात कारोबार को मिल सकती है राहत
सरकार के इस फैसले से पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात से जुड़े कारोबारियों पर शुल्क का बोझ कम होगा। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और सरकार की अगली समीक्षा पर नजर रहेगी।