परीक्षा में शाला की कक्षा 5वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, संस्कार, नैतिक मूल्यों, आदर्श जीवन पद्धति और गौरवशाली परंपराओं से परिचित कराना तथा उनमें संस्कार और राष्ट्रभावना का विकास करना था।
ओएमआर शीट को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह
परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों ने अनुशासन और लगन के साथ प्रश्नों को हल किया। ओएमआर शीट पर उत्तर अंकित करने की प्रक्रिया को लेकर भी विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने पूरी रुचि के साथ परीक्षा में सहभागिता की।
इस अवसर पर शाला के प्रधान पाठक नरसिंह लहरे, प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक डोगेंद्र कुमार वर्मा सहित शिक्षक उत्तम साहू, खुमान साहू, कुलेश्वर ठाकुर, निखिल तिवारी और गिरवर सिंह मौजूद रहे। शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
संस्कृति और संस्कार से जुड़ने का संदेश
शिक्षकों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति हमारी पहचान होने के साथ-साथ जीवन को सही दिशा देने वाली परंपरा भी है। विद्यार्थियों को अपने संस्कार, संस्कृति और परंपराओं से जुड़कर जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।
परीक्षा के आयोजन से विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और संस्कारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। शिक्षकों ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।