क्यों जारी हुआ ध्रुव राठी के खिलाफ जमानती वारंट?
मामले की सुनवाई कर रहे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राहुल जैन ने 17 अक्टूबर को ध्रुव राठी के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। अदालत में बताया गया कि उन्हें नोटिस भेजा गया था, लेकिन दिए गए पते पर पहुंचने पर परिसर बंद मिला। इसके बाद अदालत ने उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए वारंट जारी किया।
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इससे पहले भी अदालत की ओर से मामले में ध्रुव राठी को नए सिरे से समन जारी किया गया था। शिकायतकर्ता की ओर से जल्द सुनवाई की मांग किए जाने के बाद मामले की अगली तारीख 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई।
‘BJP IT Cell Part II’ वीडियो से जुड़ा है मामला
यह मामला मई 2018 में प्रकाशित ध्रुव राठी के वीडियो ‘BJP IT Cell Part II’ से संबंधित है। शिकायतकर्ता विकास सांकृत्यायन का आरोप है कि वीडियो में उनके बारे में ऐसे दावे किए गए, जिनसे उनकी सामाजिक और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
शिकायत में कथित तौर पर भाजपा आईटी सेल से जुड़े एक व्यक्ति को बदनाम करने के लिए रिश्वत दिए जाने से संबंधित आरोपों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, ये शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इनकी सत्यता का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना है।
शिकायतकर्ता ने क्यों की जल्द सुनवाई की मांग?
रिपोर्टों के मुताबिक, शिकायतकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई थी कि ध्रुव राठी आमतौर पर विदेश में रहते हैं, जिसके कारण पहले समन की तामील में देरी हुई। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि उस समय राठी भारत में मौजूद थे। इसी आधार पर मामले की सुनवाई जल्द करने और समन जारी करने की मांग की गई थी।
क्या जमानती वारंट का मतलब ध्रुव राठी दोषी हैं?
जमानती वारंट जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने ध्रुव राठी को दोषी ठहरा दिया है। यह एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य संबंधित व्यक्ति की अदालत में उपस्थिति सुनिश्चित करना है।
अब मामले में आगे की कार्रवाई अदालत की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी। फिलहाल, मानहानि मामले में ध्रुव राठी के खिलाफ जारी जमानती वारंट के बाद अगली सुनवाई पर नजरें टिकी हैं।