Surajpur Development: सड़क, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को मिलेगा बढ़ावा
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सरगुजा और बस्तर समेत छत्तीसगढ़ के हर क्षेत्र में विकास की संभावनाओं को साकार करना है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कर सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि सूरजपुर जिले में एक साथ बड़ी संख्या में विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन होने से क्षेत्र की प्रगति को नई गति मिलेगी। इन परियोजनाओं से ग्रामीण और शहरी इलाकों में सुविधाओं का विस्तार होने के साथ स्थानीय लोगों के लिए विकास के नए अवसर तैयार होंगे।
प्रतिकूल मौसम के कारण मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच सके। उन्होंने क्षेत्रवासियों से खेद जताते हुए आयोजन की तैयारियों के लिए जिला प्रशासन की सराहना की।
Premnagar News: नगर पंचायत के लिए 2.70 करोड़ रुपये की घोषणा
प्रेमनगर में स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीन अतिरिक्त विकास कार्यों की घोषणा की।
डोम निर्माण: मंगल भवन के पास डोम बनाने के लिए 1 करोड़ रुपये।
इंडोर स्टेडियम: खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए 50 लाख रुपये।
बीटी सड़क निर्माण: वार्ड क्रमांक 10, 11 और 12 से विश्रामगृह तक करीब दो किलोमीटर सड़क के लिए 1.20 करोड़ रुपये।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी और क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
जल संरक्षण में सूरजपुर की उपलब्धि, 130 करोड़ से अधिक होंगे खर्च
जल संचय जनभागीदारी अभियान में सूरजपुर जिले ने प्रदेश में पहला और देश में चौथा स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर जिले के नागरिकों, कलेक्टर और प्रशासनिक टीम को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि वर्षा के बदलते पैटर्न और भूजल स्तर से जुड़ी चुनौतियों के बीच जल संरक्षण बेहद जरूरी है। सूरजपुर में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए 2,212 कार्यों पर 130.56 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य वर्षा जल का संचयन बढ़ाना, भूजल स्तर में सुधार करना और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
किसानों की आय और सिंचाई सुविधाओं पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। किसानों को सुविधा देने के उद्देश्य से 360 नए धान खरीदी केंद्रों को भी स्वीकृति दी गई है।
सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा पुरानी सिंचाई योजनाओं की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 2,800 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन कार्यों से नहरों, बांधों और अन्य सिंचाई संरचनाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है।
उनके अनुसार, योजना से महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिल रही है और उनके आत्मविश्वास में भी सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए आवास और रोजगार के प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत छत्तीसगढ़ में विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए लगभग 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, कमार, बैगा और अबूझमाड़िया जैसे समुदायों को आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है। इससे वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की आय बढ़ाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
बस्तर और सरगुजा में विकास की नई संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति और विकास का वातावरण मजबूत होने से सड़क, बिजली, पानी, आवास और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार के अवसर बढ़े हैं।
उन्होंने सरगुजा और बस्तर अंचल में पर्यटन की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। सरकार का प्रयास है कि इन क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को पहचान मिले, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हों।
ऑनलाइन सेवाओं से आम लोगों को राहत देने की पहल
मुख्यमंत्री ने सुशासन की चर्चा करते हुए कहा कि नागरिकों को छोटी-छोटी सरकारी सेवाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए ऑनलाइन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु और ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों का उल्लेख किया। इन माध्यमों से लोगों को शिकायत दर्ज कराने, प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने और बैंकिंग सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने अंजोर विजन 2047 का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में काम कर रही है।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम और मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी हुए शामिल
कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरगुजा संभाग में विकास कार्यों को गति मिल रही है। उन्होंने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से ग्राम पंचायतों की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की अपील की।
वहीं, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से महिलाओं, गरीब परिवारों और जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने सूरजपुर जिले को मिली विकास परियोजनाओं की सौगात पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सहभागिता की। मुख्यमंत्री निवास से सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक गोमती साय तथा भरत सिंह सिसोदिया मौजूद रहे। प्रेमनगर में विधायक भूलन सिंह मरावी, विधायक शकुंतला पोर्ते और जिला पंचायत अध्यक्ष चंदमणि पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
निष्कर्ष
सूरजपुर जिले के लिए 232 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रेमनगर के लिए अतिरिक्त घोषणाओं के साथ जल संरक्षण, सिंचाई, स्वास्थ्य, सड़क और ग्रामीण विकास पर भी जोर दिया गया है। अब इन परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना संबंधित विभागों के लिए अहम होगा, ताकि स्थानीय लोगों को इनका लाभ मिल सके।