जानकारी के अनुसार, स्थानीय स्तर पर परीक्षा संचालन और परिणाम तैयार करने में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके चलते बड़ी संख्या में मार्कशीट में गलतियां पाई गईं। इससे हजारों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि इससे पहले 13 जुलाई को भी जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी सातों ब्लॉक के बीईओ को मार्कशीट में हुई त्रुटियों को तत्काल सुधारने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार कार्य पूरा नहीं किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब खंड शिक्षा अधिकारियों ने भी अपने अधीनस्थ अधिकारियों से जवाब मांगा है। इस बीच सरकारी आदेशों और नोटिस की प्रक्रिया के कारण हजारों छात्र-छात्राएं अपनी संशोधित मार्कशीट मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।