- कैशलेस चिकित्सा योजना में नए वर्गों को जोड़ने की तैयारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। प्रदेश सरकार कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसके तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़े सदस्यों, ग्रामीण रोजगार से जुड़े कर्मियों और विभिन्न स्तरों पर काम करने वाले फील्ड कर्मचारियों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले ऐसे कर्मियों और समूहों से जुड़े लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए योजना के विस्तार की संभावनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।
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प्रस्तावित योजना में स्वयं सहायता समूहों के सदस्य, विकसित भारत-गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) के श्रमिक, रोजगार सेवक, ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (बीआरपी) और कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन (सीआरपी) को शामिल करने की तैयारी है। इन वर्गों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने से उन्हें इलाज के दौरान आर्थिक परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले इन कर्मियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण परिवार जुड़े हुए हैं। वहीं रोजगार सेवक, बीआरपी और सीआरपी जैसे कर्मचारी गांवों में विभिन्न सरकारी योजनाओं को लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सरकार का मानना है कि इन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने से उनके काम करने की क्षमता और सामाजिक सुरक्षा दोनों मजबूत होंगी।
कैशलेस चिकित्सा सुविधा का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि गंभीर बीमारी या अचानक स्वास्थ्य समस्या आने पर लोगों को इलाज के लिए तत्काल पैसे की व्यवस्था करने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। पात्र लाभार्थी सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत इलाज करा सकेंगे। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों से कहा है कि योजना के विस्तार से जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन किया जाए। इसमें लाभार्थियों की संख्या, आर्थिक भार, अस्पतालों की उपलब्धता और क्रियान्वयन की व्यवस्था सहित सभी जरूरी बिंदुओं को शामिल किया जाए। इसके बाद विस्तृत प्रस्ताव सरकार के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
प्रदेश सरकार पहले से ही स्वास्थ्य क्षेत्र में कई योजनाओं के माध्यम से लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं बिना आर्थिक बाधा के मिल सकें।
ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। कई बार आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण लोग समय पर इलाज नहीं करा पाते हैं। कैशलेस सुविधा के विस्तार से ऐसे लोगों को समय पर उपचार मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण मिशन से जुड़े कर्मियों को इस सुविधा के दायरे में लाने से सरकार की योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने वाले लोगों को भी सुरक्षा कवच मिलेगा। इससे उनके परिवारों को भी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से राहत मिल सकती है।
अब प्रस्ताव तैयार होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद योजना का विस्तारित स्वरूप लागू किया जा सकता है। माना जा रहा है कि इस पहल से लाखों ग्रामीण परिवारों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल सकता है।