आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली जानकारी के बाद ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से पूछताछ के बाद DVF की टीम ने मथिली थाना क्षेत्र के चेरकोटला, किर्मिती, कोटवापादर और कडाभाटा के जंगलों में तलाशी अभियान शुरू किया था।
यह इलाका छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के दरभा थाना क्षेत्र और सुकमा जिले के पुषपाल थाना क्षेत्र से सटा हुआ है। क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा बलों ने व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया।
तीन देसी बंदूक और कई IED बरामद
सर्च अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने तीन देसी बंदूकें, करीब 5 किलो, 3 किलो और 2 किलो वजन के कई IED, दो क्लेमोर माइन, कोडेक्स वायर, माओवादी बैनर और अन्य सामग्री बरामद की।
सुरक्षा बलों ने बरामद सामग्री को अपने कब्जे में लेकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई और जांच शुरू कर दी है।
सीमा क्षेत्र में बढ़ाई गई सुरक्षा
ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा से लगा यह वन क्षेत्र लंबे समय से माओवादी गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता रहा है। ऐसे में हथियार और विस्फोटक सामग्री का डंप बरामद होना सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण कामयाबी मानी जा रही है।
बरामदगी के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। सुरक्षा बल आसपास के जंगलों में भी संभावित ठिकानों की तलाश कर रहे हैं।