सतना। धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। नदी के प्रचंड उफान से रामघाट से लेकर हनुमान धारा तक जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई रिहायशी इलाकों और बाजारों में पानी भर गया, जबकि तेज बहाव में हनुमान धारा पहुंच मार्ग का ऐतिहासिक पुल भी बह गया।

बाढ़ के बाद बिगड़े हालात का जायजा लेने के लिए रविवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और राहत शिविरों में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की।

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बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नगर परिषद द्वारा टीआईसी (TIC) बिल्डिंग में बनाए गए राहत शिविर और आश्रय स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं। मुख्यमंत्री ने पीड़ितों को सूखा राशन, भोजन और अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी वितरित की।

प्रशासन को त्वरित राहत के निर्देश 

सीएम ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और SDRF की टीमों के साथ स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता जल्द पहुंचाई जाए। राहत और बचाव कार्यों में किसी तरह की लापरवाही न बरतने के भी निर्देश दिए गए।

हनुमान धारा का ऐतिहासिक पुल बहा

मंदाकिनी नदी के तेज बहाव और अचानक आए उफान में चित्रकूट के हनुमान धारा पहुंच मार्ग का पुराना पुल टूटकर बह गया। कई इलाकों में बाढ़ का पानी भरने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बाजार और रिहायशी क्षेत्रों में भी बाढ़ का असर देखने को मिला।

जलस्तर में गिरावट, राहत कार्य जारी

बारिश थमने के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के साथ भोजन, शुद्ध पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव कार्यों पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाने के लिए टीमें 24 घंटे सक्रिय हैं।
Published By- | 30-Aug-2026 11:18:00 am