उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार के पास इस कानून को लेकर पर्याप्त समर्थन है, तो इसे संसद में लाकर पूरे देश के लिए लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए।
'अगर बहुमत है तो संसद में लाएं'
उमर अब्दुल्ला ने सवाल उठाते हुए कहा कि UCC को अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरीके से लागू करने की कोशिश क्यों की जा रही है। उनका तर्क है कि अगर इसे केवल BJP शासित राज्यों में लागू किया जाता है तो इसे 'यूनिफॉर्म' या पूरे देश के लिए समान कानून कैसे कहा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में BJP की सरकार नहीं है। ऐसे में राष्ट्रीय महत्व के इस विषय पर संसद के जरिए निर्णय लिया जाना चाहिए।
NDA सहयोगियों का भी दिया हवाला
मुख्यमंत्री ने BJP के नेतृत्व वाले NDA में UCC को लेकर संभावित मतभेदों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गठबंधन में शामिल कुछ दल अपने-अपने राज्यों में UCC लागू करने के पक्ष में नहीं हैं।
उमर अब्दुल्ला ने जनता दल (यूनाइटेड) का उदाहरण देते हुए कहा कि रिपोर्टों के अनुसार पार्टी ने बिहार में UCC लागू नहीं करने की बात कही है। उन्होंने सवाल किया कि जब गठबंधन के कुछ सहयोगी ही इसके पक्ष में नहीं हैं, तो इसे पूरे देश में लागू करने की बात कैसे की जा सकती है।
'पूरे देश का प्रतिनिधित्व संसद करती है'
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि UCC जैसे महत्वपूर्ण विषय पर पूरे देश को फैसला लेना चाहिए। उनके मुताबिक, अलग-अलग राज्यों को इस मुद्दे पर अलग-अलग फैसला लेने के बजाय संसद में इस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि संसद पूरे देश का प्रतिनिधित्व करती है।
उन्होंने कहा कि कानून को संसद में लाया जाना चाहिए और वहीं यह तय होना चाहिए कि सरकार उसे पारित कराने में सक्षम है या नहीं।
'देखें क्या आप इसे पास करा पाते हैं'
उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार के अन्य विधायी प्रस्तावों का जिक्र करते हुए कहा कि 'एक देश, एक चुनाव' और आरक्षण जैसे विषयों पर संसद में कानून लाने की बात होती रही है। उन्होंने सवाल किया कि UCC को राज्यों के जरिए आगे बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
उन्होंने केंद्र को चुनौती देते हुए कहा कि UCC को संसद में लाया जाए और देखा जाए कि सरकार उसे पारित कराने में सक्षम है या नहीं।
फिलहाल UCC को लेकर केंद्र और विभिन्न राज्यों में राजनीतिक बहस जारी है। उमर अब्दुल्ला के ताजा बयान से इस मुद्दे पर सियासी चर्चा और तेज होने की संभावना है।