SIR को लेकर लगातार बढ़ रहा विवाद
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय में प्रस्तावित है, जब SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आई है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में मतदाता जोड़ने, नाम हटाने, फॉर्म-6 में बदलाव और वोटर डेटा के प्रबंधन जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया है।
राहुल गांधी पहले भी उठा चुके हैं ‘वोट चोरी’ का मुद्दा
राहुल गांधी इससे पहले भी चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। बुधवार को उन्होंने आरोप लगाया था कि “वोट की चोरी” देश के लोगों और संविधान के खिलाफ अपराध है। ये उनके राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर चुनाव आयोग ने अलग रुख रखा है।
चुनाव आयोग ने रिपोर्ट पर दी सफाई
चुनाव आयोग ने सामने आई रिपोर्ट के बाद कहा कि आयोग में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग के अनुसार SIR से जुड़े अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए। चुनाव आयोग के सूत्रों ने यह भी कहा कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ मुद्दों पर चिंताएं जरूर जताईं, लेकिन अंतिम निर्णयों पर उनकी मंजूरी थी।
29 सितंबर को कांग्रेस की बैठक
SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस ने 29 सितंबर को दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक भी बुलाई है। इसमें SIR, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है। विपक्षी दल इस मुद्दे पर लगातार सवाल उठा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग अपने फैसलों को वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप बता रहा है।