NIA की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, जगदलपुर स्थित NIA विशेष अदालत ने झीरम घाटी हमले में शामिल CPI (Maoist) के 10 आरोपी कैडरों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
फैसले से संतुष्ट नहीं कांग्रेस
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस इस फैसले से संतुष्ट नहीं है। उनके मुताबिक, पीड़ित परिवारों के मन में मामले की जांच और हमले की पूरी साजिश को लेकर कई सवाल हैं।
बैज ने कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उनकी न्याय की मांग को आगे बढ़ाने के लिए कानूनी प्रक्रिया के साथ राजनीतिक स्तर पर भी अपनी आवाज उठाएगी।
बड़े आरोपियों को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने झीरम हमले की कथित व्यापक साजिश और इसमें शामिल बड़े माओवादी नेताओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि जांच और कार्रवाई उन सभी लोगों तक पहुंचनी चाहिए, जिन्हें पार्टी हमले की साजिश से जुड़ा मानती है।
हालांकि, इन आरोपों और राजनीतिक दावों को संबंधित पक्षों के बयानों के रूप में देखा जाना चाहिए। NIA की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति फिलहाल 10 आरोपियों को सुनाई गई सजा की पुष्टि करती है।
पीड़ित परिवारों के साथ बैठक का किया जिक्र
दीपक बैज ने बताया कि 19 सितंबर को रायपुर स्थित कांग्रेस भवन में झीरम घटना के शहीदों और पीड़ित परिवारों के साथ बैठक की गई थी। बैठक में आगे की रणनीति और न्याय की मांग को लेकर चर्चा हुई।
उन्होंने यह भी बताया कि 26 सितंबर को दिल्ली में राहुल गांधी के साथ इस मुद्दे पर बातचीत की गई, जिसके बाद आगे की राजनीतिक कार्रवाई को लेकर मार्गदर्शन लिया गया।
चरणबद्ध आंदोलन की तैयारी
दीपक बैज के मुताबिक, झीरम मामले में कांग्रेस अब चरणबद्ध आंदोलन की तैयारी कर रही है। पार्टी का कहना है कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आगे भी आवाज उठाई जाएगी।
गौरतलब है कि NIA विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई मृत्युदंड की सजा न्यायिक प्रक्रिया का अंतिम चरण नहीं है। मृत्युदंड की पुष्टि के लिए उच्च न्यायालय की प्रक्रिया लागू होती है और दोषियों को अपील का अधिकार भी रहता है।
झीरम घाटी हमले से जुड़े मामले में NIA की ओर से 10 आरोपियों को सजा सुनाए जाने के बाद अब इस फैसले के खिलाफ आगे की न्यायिक प्रक्रिया और कांग्रेस के प्रस्तावित आंदोलन पर नजर रहेगी।