पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा। एथलेटिक्स में भारत को सबसे ज्यादा पदक मिले, जबकि गोल्ड के मामले में तीरंदाजी सहित कई खेलों में भारतीय महिला खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला।
कबड्डी और क्रिकेट में महिलाओं ने रचा इतिहास
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर अपना खिताब बरकरार रखा और गोल्ड मेडल जीता।
वहीं भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भी लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल किया। फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 147 रन से हराकर गोल्ड अपने नाम किया।
17 साल की कुमकुम ने वर्ल्ड चैंपियन को हराया
17 वर्षीय कुमकुम मोहोद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण कोरिया की वर्ल्ड चैंपियन खिलाड़ी येजिन ओ को हराकर बड़ा उलटफेर किया। कुमकुम ने एशियन गेम्स में दो गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
नीरू ढांढा ने जीते दो गोल्ड
ट्रैप शूटिंग में नीरू ढांढा भारत की प्रमुख पदक विजेताओं में रहीं। उन्होंने दो गोल्ड मेडल जीतने के साथ एशियन गेम्स में कुल तीन पदक अपने नाम किए। उनके शानदार प्रदर्शन का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्हें समापन समारोह में भारतीय दल का ध्वजवाहक भी बनाया गया।
प्रणवी ने गोल्फ में रचा इतिहास
गोल्फ में प्रणवी ने भारत को 24 साल बाद महिला वर्ग में गोल्ड मेडल दिलाया। उन्होंने चीन की वर्ल्ड नंबर-6 खिलाड़ी यिन रुओनिंग को हराकर स्वर्ण पदक जीता।
प्रणवी एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला गोल्फ खिलाड़ी बनीं।
44 साल बाद महिला हॉकी में गोल्ड
भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी लंबे इंतजार को खत्म किया। टीम इंडिया ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने आखिरी बार 1982 में एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद 44 साल के इंतजार के बाद टीम ने दोबारा एशियाई खेलों का गोल्ड अपने नाम किया।
बॉक्सिंग में लवलीना और परवीन का गोल्डन पंच
बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीते। दोनों खिलाड़ियों के गोल्ड ने भारत के महिला वर्ग के प्रदर्शन को और मजबूत किया।
महिलाओं ने जीते कुल 47 पदक
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला खिलाड़ियों ने कुल 47 पदक जीते। इनमें 38 पदक महिला प्रतियोगिताओं में और 9 पदक मिक्स्ड इवेंट्स में आए।
इसके मुकाबले पुरुष खिलाड़ियों ने कुल 38 पदक अपने नाम किए। आंकड़े बताते हैं कि इस बार भारत की पदक सफलता में महिला खिलाड़ियों की भूमिका बेहद अहम रही।
21 गोल्ड में 14 स्वर्ण पदक महिलाओं के नाम होना भारतीय खेलों में महिला शक्ति के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। कबड्डी, क्रिकेट, हॉकी, शूटिंग, गोल्फ और बॉक्सिंग जैसे खेलों में बेटियों के शानदार प्रदर्शन ने एशियन गेम्स 2026 को भारत के लिए यादगार बना दिया।