विपक्षी दल चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार सरकार पर निशाना साध रहे हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस समेत विपक्षी सांसद संसद के भीतर और सड़क पर भी विरोध दर्ज करा रहे हैं। ऐसे में खड़गे की आज होने वाली बैठक को आगे की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
आकाशवाणी के पास हुआ था जोरदार प्रदर्शन
विरोध की ताजा कड़ी छह अक्टूबर को देखने को मिली। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया।
इसके बाद विपक्षी सांसदों ने आकाशवाणी भवन के एक गेट से प्रवेश कर दूसरी तरफ से निकलकर मुख्य सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। अचानक बदले गए इस तरीके से मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ानी पड़ी।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत
इसके अगले दिन विपक्षी सांसदों ने एक बार फिर प्रदर्शन का रुख अपनाया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लंच कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य विपक्षी सांसद जंतर-मंतर की ओर बढ़े।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकते हुए कई नेताओं को हिरासत में लिया। करीब दो घंटे बाद नेताओं को रिहा कर दिया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की के आरोपों को लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की बात भी सामने आई है।
आज फिर खड़गे ने बुलाई बैठक
लगातार दो दिनों के प्रदर्शन के बाद अब सभी की नजरें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की आज होने वाली बैठक पर हैं। खड़गे ने लोकसभा और राज्यसभा के विपक्षी सांसदों को दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया है।
यह बैठक दिल्ली के कनॉट प्लेस क्षेत्र में रखी गई है। खड़गे ने सभी विपक्षी सांसदों से बैठक में शामिल होने का आग्रह किया है। माना जा रहा है कि बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ आगे के विरोध प्रदर्शन और विपक्ष की संयुक्त रणनीति पर चर्चा हो सकती है।
बैठक के बाद क्या होगा, इस पर नजर
कनॉट प्लेस का इलाका जंतर-मंतर और चुनाव आयोग के कार्यालय के अपेक्षाकृत नजदीक है। पिछले दो दिनों में भी विपक्षी नेताओं की बैठक और लंच के बाद प्रदर्शन देखने को मिला है। इसी वजह से आज की बैठक के बाद विपक्ष का अगला कदम क्या होगा, इसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है।
हालांकि, विपक्ष की ओर से फिलहाल आज के लिए किसी नए मार्च या प्रदर्शन की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसके बावजूद पिछले दिनों के घटनाक्रम को देखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन सतर्क नजर आ रहे हैं।
राहुल गांधी के अगले कदम पर सबकी नजर
आकाशवाणी भवन और जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राहुल गांधी और विपक्षी दल आगे किस रणनीति के साथ सामने आते हैं।
विपक्ष लगातार चुनाव आयोग से जुड़े अपने सवालों और आरोपों को लेकर विरोध दर्ज करा रहा है। वहीं, लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बीच दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।
आज खड़गे की बैठक के बाद विपक्ष की रणनीति स्पष्ट होने की उम्मीद है। यदि एक बार फिर सड़क पर उतरने का फैसला लिया जाता है, तो राजधानी में सियासी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
फिलहाल सभी की निगाहें खड़गे की बैठक और उसके बाद विपक्ष के अगले कदम पर टिकी हैं। पिछले दो दिनों के घटनाक्रम ने यह संकेत जरूर दिया है कि चुनाव आयोग के मुद्दे को लेकर विपक्ष अभी पीछे हटने के मूड में नहीं है।