मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र गिरावट का दबाव देखने को मिला। कमजोर वैश्विक संकेतों, बॉन्ड यील्ड में लगातार बढ़ोतरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच बाजार में जोरदार बिकवाली हुई। दोपहर तक सेंसेक्स 909 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 50 भी 22,300 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे चला गया।

बाजार की इस गिरावट का असर कई प्रमुख क्षेत्रों के शेयरों पर देखने को मिला। धातु, वाहन, रियल्टी, दवा, स्वास्थ्य सेवा और तेल-गैस समेत कई क्षेत्रों में निवेशकों ने जमकर बिकवाली की।

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सेंसेक्स में 909 अंकों से ज्यादा की गिरावट
दोपहर करीब एक बजे बीएसई सेंसेक्स 909.45 अंक यानी 1.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,729.26 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सेंसेक्स पर लगातार दबाव बना रहा।

बाजार में बिकवाली बढ़ने के साथ बड़ी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी आई, जिसका असर प्रमुख सूचकांक पर साफ दिखाई दिया। निवेशकों में कमजोर वैश्विक संकेतों और घरेलू स्तर पर बढ़ती चिंताओं को लेकर सतर्कता देखने को मिली।

निफ्टी 22,300 के नीचे
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी भारी गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया। निफ्टी ने दिन में 22,254.30 का निचला स्तर छुआ।

दोपहर करीब एक बजे निफ्टी 323.10 अंक यानी 1.43 प्रतिशत गिरकर 22,279.95 के स्तर पर पहुंच गया। इस तरह निफ्टी 22,300 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया।

धातु शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
क्षेत्रवार कारोबार पर नजर डालें तो धातु क्षेत्र में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। निफ्टी धातु सूचकांक करीब 3.23 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था।

इसके अलावा वाहन सूचकांक में 1.78 प्रतिशत, एफएमसीजी में 1.81 प्रतिशत, मीडिया में 1.71 प्रतिशत, दवा क्षेत्र में 2.13 प्रतिशत और रियल्टी सूचकांक में 2.39 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

स्वास्थ्य सेवा और तेल-गैस क्षेत्र भी दबाव में
स्वास्थ्य सेवा से जुड़े शेयरों में भी निवेशकों की बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी स्वास्थ्य सेवा सूचकांक करीब 2.21 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि निफ्टी 500 स्वास्थ्य सेवा सूचकांक में लगभग 2.29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

तेल और गैस क्षेत्र भी बाजार की गिरावट से अछूता नहीं रहा। निफ्टी तेल एवं गैस सूचकांक करीब 2.60 प्रतिशत तक टूट गया।

इससे साफ है कि बाजार की कमजोरी केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक बिकवाली देखने को मिली।

सुबह कुछ क्षेत्रों में दिखी थी मजबूती
कारोबार की शुरुआत में बाजार की तस्वीर इतनी कमजोर नहीं थी। शुरुआती कारोबार में धातु, उपभोक्ता टिकाऊ सामान और रसायन क्षेत्र के कुछ शेयरों में मजबूती दिखाई दी थी।

हालांकि, जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, बिकवाली का दबाव बढ़ता गया। इसके बाद कई क्षेत्रों में तेजी कमजोर पड़ गई और बाजार में गिरावट गहरी होती चली गई।

आरबीआई के फैसले और विदेशी निवेशकों पर नजर
बाजार में भारतीय रिजर्व बैंक की हालिया मौद्रिक नीति के असर को लेकर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। निवेशक यह आकलन कर रहे हैं कि ब्याज दरों से जुड़े फैसलों का कंपनियों की लागत, मांग और आर्थिक गतिविधियों पर कितना प्रभाव पड़ेगा।

इसके अलावा विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई हैं। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक बाजारों से मिलने वाले कमजोर संकेतों ने घरेलू बाजार की धारणा पर दबाव बढ़ाया है।

आगे बाजार की दिशा पर रहेगी नजर
शेयर बाजार में मौजूदा गिरावट के बीच निवेशकों की नजर अब वैश्विक बाजारों के रुख, बॉन्ड यील्ड, विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री और घरेलू आर्थिक संकेतकों पर रहेगी।

फिलहाल सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में दबाव बना हुआ है। निफ्टी का 22,300 के नीचे जाना बाजार के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार इस स्तर के आसपास किस तरह प्रतिक्रिया देता है, इस पर निवेशकों की नजर रहेगी।
Published By- | 08-Oct-2026 03:17:00 pm