प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक नल के माध्यम से पेयजल पहुंचाना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में भी घर-घर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। पिपरभट्ठा की बसंती रजक की कहानी इसी बदलाव का उदाहरण है।
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पानी लाने की चिंता से मिली मुक्ति
बसंती रजक के लिए पहले परिवार की जरूरतों के लिए पानी जुटाना किसी चुनौती से कम नहीं था। सुबह उठते ही घरेलू कामकाज के साथ पानी की व्यवस्था करने की चिंता शुरू हो जाती थी। छोटे बच्चे की देखभाल और घर की जिम्मेदारियों के बीच उन्हें पानी लाने के लिए दूर जाना पड़ता था।
गर्मी में पानी की कमी और सर्दियों में ठंड के कारण उनकी परेशानी और बढ़ जाती थी। पानी लाने में काफी समय और शारीरिक मेहनत लगती थी, जिससे घर के दूसरे काम भी प्रभावित होते थे।
घर में नल लगने से आसान हुई दिनचर्या
जल जीवन मिशन के तहत गांव में पाइपलाइन बिछाकर घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाए जाने से बसंती की जिंदगी में बदलाव आया है। अब उन्हें पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता और घर में ही पानी उपलब्ध हो जाता है।
बसंती रजक के अनुसार, पहले छोटे बच्चे को घर पर छोड़कर पानी लाने जाना उनकी सबसे बड़ी परेशानी थी। कई बार पानी की व्यवस्था में काफी समय लग जाता था। अब घर में नल की सुविधा होने से वे बच्चे की देखभाल करते हुए घरेलू जरूरतों के लिए पानी भर सकती हैं।
पहले पानी लाने में खर्च होने वाला समय अब परिवार और अन्य जरूरी कामों में लगाया जा रहा है।
गांव की दूसरी महिलाओं को भी मिली राहत
जल जीवन मिशन का लाभ केवल बसंती रजक तक सीमित नहीं है। गांव की अन्य महिलाओं को भी घरों में नल से पानी मिलने के कारण राहत मिल रही है।
पहले महिलाओं की दिनचर्या का बड़ा हिस्सा पानी जुटाने में बीत जाता था। कई परिवारों में बच्चों को भी पानी लाने में मदद करनी पड़ती थी। अब घरों तक पानी पहुंचने से महिलाओं का समय और श्रम बच रहा है। बच्चों को भी पढ़ाई और दूसरी गतिविधियों के लिए अधिक समय मिल सकता है।
स्वच्छ पेयजल से स्वास्थ्य और साफ-सफाई को बढ़ावा
घर में पेयजल की उपलब्धता से दैनिक जरूरतों को पूरा करना आसान होता है। पानी की सुविधा मिलने से व्यक्तिगत स्वच्छता, घरेलू साफ-सफाई और अन्य जरूरी कार्यों में भी मदद मिलती है।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं के विस्तार के साथ जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। पंचायत स्तर पर ग्रामीणों को जल स्रोतों के संरक्षण और उपलब्ध सुविधाओं के उचित रखरखाव के प्रति जागरूक करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण का माध्यम बन रही योजना
ग्रामीण महिलाओं के लिए पानी की उपलब्धता केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि उनके समय और श्रम की बचत से भी जुड़ी है। घर तक पानी पहुंचने से महिलाएं परिवार की देखभाल, बच्चों की शिक्षा और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के लिए अधिक समय निकाल सकती हैं।
पिपरभट्ठा की बसंती रजक के जीवन में आया बदलाव बताता है कि घर में नल से पानी मिलने की सुविधा ग्रामीण परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी को किस तरह आसान बना सकती है।
जल जीवन मिशन के जरिए बसंती रजक को पानी के लिए दूर जाने की मजबूरी से राहत मिली है। घर में नल से पानी मिलने के कारण अब उनके लिए परिवार और छोटे बच्चे की देखभाल करना पहले से आसान हो गया है।