पूर्व राष्ट्रपति बुधवार को लोकभवन सभागार में अपनी आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा किए और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों की सराहना की।
बचपन की यादें साझा कर भावुक हुए पूर्व राष्ट्रपति
रामनाथ कोविंद ने बताया कि उनका जन्म कानपुर देहात के एक छोटे से गांव में हुआ था। उनका परिवार साधारण परिस्थितियों में रहता था और बारिश के दौरान घर की छत टपकती थी। वर्ष 2017 में राष्ट्रपति चुने जाने के बाद बचपन की ये यादें फिर ताजा हो गई थीं।
उन्होंने कहा कि उस समय भी देश के किसी गांव में कोई बच्चा टपकती छत के नीचे खड़े होकर बेहतर भविष्य के सपने देख रहा होगा। उनके अनुसार, गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने वाली योजनाएं लोगों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
शिक्षा को जीवन बदलने का माध्यम मानते थे पिता
पूर्व राष्ट्रपति ने अपने पिता के योगदान को याद करते हुए कहा कि वे शिक्षा को जीवन बदलने का माध्यम मानते थे। जमीन दान करने के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि गांव में मिले भाईचारे, संवेदना और बड़ों के सम्मान जैसे संस्कार जीवनभर उनके साथ रहे। उनके जीवन की यात्रा इस बात का उदाहरण है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा और दृढ़ संकल्प से आगे बढ़ा जा सकता है।
योगी सरकार के विकास कार्यों की सराहना
रामनाथ कोविंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था में सुधार की सराहना की। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और मेट्रो जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से आवागमन बेहतर हुआ है।
उन्होंने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और गरीब परिवारों को मिल रहे लाभों का भी उल्लेख किया। साथ ही उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के मुख्यमंत्री योगी के लक्ष्य की प्रशंसा की।
भाजपा में राष्ट्रसेवा की भावना का किया उल्लेख
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने राजनीति के लिए भाजपा को इसलिए चुना, क्योंकि पार्टी में राष्ट्र को सर्वोपरि रखने की भावना है। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनसे राजनीति को सत्ता प्राप्त करने के बजाय राष्ट्रसेवा का माध्यम मानने की प्रेरणा मिली।
उन्होंने नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ और अन्य नेताओं के उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र में साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले व्यक्ति भी शीर्ष पदों तक पहुंच सकते हैं। उनके अनुसार, यही भारतीय गणतंत्र की वास्तविक उपलब्धि है।
उत्तर प्रदेश से राष्ट्रपति बनना करोड़ों लोगों के सपनों का सम्मान
रामनाथ कोविंद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जन्मे व्यक्ति का राष्ट्रपति पद तक पहुंचना उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि से बढ़कर प्रदेश के करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं का सम्मान है।
उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन ने भारत की आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत किया। समारोह के दौरान उन्होंने यह भी बताया कि उनकी आत्मकथा आने वाले समय में देश की सभी क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित की जाएगी।
अपने संबोधन में पूर्व राष्ट्रपति ने संघर्ष, शिक्षा, सामाजिक संस्कार और लोकतांत्रिक अवसरों को अपने जीवन की यात्रा के महत्वपूर्ण आधार के रूप में प्रस्तुत किया।