रायपुर। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना कई महिलाओं के लिए आर्थिक सहयोग का जरिया बन रही है। हर महीने मिलने वाली ₹1,000 की सहायता राशि से महिलाएं घर के खर्चों में हाथ बंटाने के साथ अपनी छोटी-छोटी जरूरतें भी पूरी कर रही हैं। कुछ महिलाएं इस राशि का इस्तेमाल बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए कर रही हैं, तो कुछ इसे अपने छोटे कारोबार को आगे बढ़ाने में लगा रही हैं। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और परिवार में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को सालाना ₹12,000 की सहायता दी जाती है। राशि सीधे बैंक खातों में DBT के माध्यम से पहुंचाई जाती है। योजना से लाभान्वित महिलाओं की कहानियां बताती हैं कि छोटी-सी नियमित आर्थिक मदद भी जरूरतों को पूरा करने में सहायक हो सकती है।

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खेती से लेकर बच्चों की देखभाल तक खर्च कर रहीं महिलाएं
कोण्डागांव जिले के ग्राम डोंगरीपारा, दहिकोंगा की पीलादाई बघेल महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग बच्चों की देखभाल, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और कृषि कार्यों में करती हैं। उनके लिए यह सहायता परिवार के रोजमर्रा के खर्चों को संभालने में उपयोगी है।
नियमित रूप से मिलने वाली राशि से उन्हें छोटी-छोटी जरूरतों के लिए आर्थिक मदद मिलती है। पीलादाई बघेल ने योजना के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार भी जताया।

किराना दुकान के सामान खरीदने में मिल रही मदद
सरगुजा जिले की शिमला देवी अपने पति के साथ किराना दुकान चलाती हैं। योजना के तहत मिलने वाले ₹1,000 से वह दुकान के लिए जरूरी सामान खरीदती हैं। इससे दुकान के संचालन में सहयोग मिलता है और परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलती है।
शिमला देवी का उदाहरण दिखाता है कि नियमित सहायता राशि का उपयोग घरेलू खर्चों के साथ छोटे कारोबार की जरूरतों को पूरा करने के लिए भी किया जा सकता है।

घर बैठे व्यवसाय शुरू करने में रेहाना खातून को मिला सहारा
जशपुर जिले के कुनकुरी क्षेत्र में ज्योति पांडेय, रेहाना खातून, कविता और अंजू को भी योजना से आर्थिक मदद मिल रही है। ज्योति पांडेय इस राशि से अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करती हैं, जबकि रेहाना खातून ने इसकी मदद से घर पर छोटा व्यवसाय शुरू किया है।

वहीं, कविता और अंजू को अपने निजी खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने में सहायता मिली है। इन महिलाओं के अनुभव बताते हैं कि नियमित आर्थिक सहयोग उन्हें अपनी जरूरतों के अनुसार पैसे खर्च करने और परिवार की आर्थिक स्थिति में योगदान देने का अवसर देता है।
32 किस्तों में खाते में पहुंचे ₹32 हजार
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के मनेन्द्रगढ़ विकासखंड के ग्राम चनवारीडांड निवासी मिलीदेवी को योजना के तहत 32 किस्तों में कुल ₹32,000 मिलने की जानकारी दी गई है।

वह इस राशि से परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग करती हैं। नियमित सहायता से उन्हें घरेलू खर्चों का प्रबंधन करने और पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाने में सहूलियत मिल रही है।

सिलाई के काम में सरिता तिग्गा को मिल रही मदद
सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम मेंड्रा कला की सरिता तिग्गा घर पर सिलाई का काम करती हैं। उनके पति सोमसाय तिग्गा मजदूरी करते हैं और परिवार में तीन बच्चों के पालन-पोषण तथा पढ़ाई की जिम्मेदारी है।

महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से सरिता सिलाई के लिए धागा और अन्य जरूरी सामग्री खरीदती हैं। इससे उन्हें अपना काम जारी रखने और परिवार की आमदनी में योगदान देने में मदद मिलती है। उन्होंने योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

महतारी वंदन योजना का लाभ किन महिलाओं को मिलता है?
योजना के तहत निर्धारित पात्रता पूरी करने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। प्रमुख शर्तों में शामिल हैं:
महिला छत्तीसगढ़ की स्थानीय निवासी हो।

आवेदन वर्ष की 1 जनवरी को उसकी आयु कम से कम 21 वर्ष हो।
वह विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्त श्रेणी में आती हो।
परिवार को योजना के अन्य निर्धारित पात्रता नियमों को पूरा करना हो।
आयकर और सरकारी सेवा से जुड़े परिवार के सदस्यों के संबंध में लागू नियमों का पालन जरूरी है।
योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और भुगतान की जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट mahtarivandan.cgstate.gov.in देखी जा सकती है। आवेदन से पहले नवीनतम सरकारी दिशा-निर्देशों की जांच करना उचित है।

नियमित सहायता से मजबूत हो रही आर्थिक भागीदारी
महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग महिलाएं अपनी परिस्थितियों और जरूरतों के मुताबिक कर रही हैं। कहीं यह बच्चों की देखभाल और घरेलू खर्चों में मददगार है, तो कहीं छोटे कारोबार और सिलाई जैसे कामों के लिए जरूरी सामग्री खरीदने का साधन बन रही है।
हालांकि, हर परिवार की आर्थिक स्थिति और जरूरतें अलग-अलग होती हैं, लेकिन नियमित सहायता महिलाओं को अपने खर्चों की योजना बनाने और परिवार की जिम्मेदारियों में योगदान देने का अवसर देती है। इसी उद्देश्य के साथ महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में संचालित की जा रही है।
Published By- | 20-Oct-2026 10:30:00 am