21 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गुरुगद्दी आसन के दर्शन किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 28.97 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन सड़क परियोजनाओं का भूमिपूजन भी किया।
स्कूलों और नगर पंचायत भवन के लिए करोड़ों की सौगात
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की मांग पर चार निर्माण कार्यों को मंजूरी देने की घोषणा की। इनमें शिक्षा सुविधाओं के विस्तार के साथ स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया गया है।
घोषित कार्यों में ग्राम पंचायत खमतराई में हाई स्कूल भवन के लिए 75 लाख रुपये, आरंग के ओड़का में नए प्राथमिक शाला भवन के लिए 30 लाख रुपये, मंदिर हसौद के पीएम श्री स्कूल में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये और चंदखुरी में नगर पंचायत कार्यालय के नए भवन के लिए 85 लाख रुपये शामिल हैं।
इसके अलावा 40 स्थानों पर लकड़ी के जैतखाम स्थापित किए जाएंगे। इन घोषणाओं से संबंधित क्षेत्रों में शैक्षणिक और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।
तीन सड़क परियोजनाओं पर खर्च होंगे 28.96 करोड़ रुपये
भंडारपुरी धाम में मुख्यमंत्री ने तीन सड़क विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। इन कार्यों के पूरा होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान बनाने और गांवों के बीच संपर्क मजबूत करने में मदद मिलेगी।
प्रमुख सड़क परियोजनाएं इस प्रकार हैं:
मोहंदी-अड़सेना मार्ग: 8 करोड़ 31 लाख 5 हजार रुपये की लागत से चार किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण किया जाएगा।
नरदहा आंतरिक मार्ग: दो किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण पर 3 करोड़ 30 लाख 78 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
छतौना-दरबा-कूटेसर-बड़गांव-कुंडा-नारा-लखौली मार्ग: 29 किलोमीटर सड़क के डामर नवीनीकरण पर 17 करोड़ 34 लाख 99 हजार रुपये खर्च होंगे।
तीनों परियोजनाओं की कुल लागत 28 करोड़ 96 लाख 82 हजार रुपये है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बढ़ीं सीटें
मुख्यमंत्री ने सतनामी समाज के युवाओं की शिक्षा और आर्थिक प्रगति को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली स्थित कोचिंग संस्था में उपलब्ध सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। इससे अधिक युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिल सकेगा।
उन्होंने भंडारपुरी में मोती महल के भूमिपूजन का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार समाज की आस्था, संस्कृति और गौरव से जुड़े स्थलों के विकास तथा संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
'मनखे-मनखे एक समान' के संदेश को अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में बाबा गुरु घासीदास जी के विचारों को याद करते हुए कहा कि सत्य, अहिंसा, करुणा, समानता और सामाजिक समरसता के सिद्धांत समाज को सही दिशा दिखाते हैं। बाबा गुरु घासीदास जी का संदेश 'मनखे-मनखे एक समान' भेदभाव से ऊपर उठकर आपसी भाईचारे और सद्भाव के साथ रहने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि भंडारपुरी धाम सतनाम पंथ की आस्था का प्रमुख केंद्र है और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत में इसका विशेष स्थान है। सरकार का प्रयास है कि विकास की योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे और कोई भी क्षेत्र पीछे न रहे।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए लोगों से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।
गुरु खुशवंत साहेब और धर्मगुरु बालदास साहेब भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से सतनामी समाज को शिक्षा और विकास के क्षेत्र में नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने भंडारपुरी में मोती महल के भूमिपूजन और दिल्ली में कोचिंग की सीटें बढ़ाने के फैसले को महत्वपूर्ण बताया।
सतनामी समाज के धर्मगुरु बालदास साहेब ने भी लोगों से बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने सत्य, मानवता, समानता और सद्भाव के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू, राजिम विधायक रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, संतगण, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।