कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समेत बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोग मौजूद रहे।
ज्ञान के साथ विनम्रता और सफलता के साथ सेवा जरूरी
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि युवाओं को अपने विचारों का दायरा बढ़ाना चाहिए और नई चीजें सीखने की प्रक्रिया कभी नहीं रोकनी चाहिए। किताबें पढ़ना, सवाल पूछना, ज्ञान हासिल करना और अपने कौशल को बेहतर बनाना जीवन में आगे बढ़ने के लिए जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता और असफलता दोनों आती हैं। असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। युवाओं को अपनी महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता, ज्ञान के साथ विनम्रता और सफलता के साथ सेवा भावना को भी महत्व देना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि जब किसी युवा की प्रतिभा किसी समस्या का समाधान करती है और उसकी उपलब्धि समाज में सकारात्मक बदलाव लाती है, तभी उसकी सफलता का वास्तविक महत्व सामने आता है।
नुआखाई पर्व हमारी संस्कृति और कृषि परंपरा का प्रतीक
राष्ट्रपति ने नुआखाई के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और समृद्ध परंपराओं का उत्सव है।
उन्होंने कहा कि नुआखाई कृषि संस्कृति से जुड़ा ऐसा पर्व है, जो प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और सामुदायिक भावना को मजबूत करने का अवसर देता है। अन्न किसानों की मेहनत, धरती की उदारता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक है।
राष्ट्रपति ने कहा कि अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को पहचानना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
विकसित भारत के लिए महिलाओं की भागीदारी जरूरी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए महिलाओं की समान भागीदारी बेहद जरूरी है। देश की आधी आबादी को विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ाए बिना राष्ट्र अपनी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर सकता।
उन्होंने महिलाओं से सामाजिक और राष्ट्रीय गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। साथ ही पुरुषों और विशेष रूप से युवाओं से कहा कि वे अपनी बहनों और बेटियों को ऐसा माहौल दें, जहां वे बिना किसी बाधा के अपने सपनों को पूरा कर सकें।
राष्ट्रपति ने जोर दिया कि महिलाओं के प्रति सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह लोगों की सोच, व्यवहार और रोजमर्रा के आचरण में भी दिखाई देना चाहिए।
छत्तीसगढ़ में बदलाव पर जताई प्रसन्नता
राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों तथा युवाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति से प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी नक्सलवाद और हिंसा का प्रभाव था, वहां अब विकास की गतिविधियां आगे बढ़ रही हैं। युवाओं का भटकाव से निकलकर मुख्यधारा में शामिल होना उनके परिवारों के साथ-साथ प्रदेश और देश के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रपति ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और अपने प्रयासों को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति के जीवन को बताया प्रेरणादायक
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का जीवन संघर्ष, सादगी, शिक्षा, सेवा और दृढ़ संकल्प की मिसाल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा के एक छोटे से गांव से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का उनका सफर देश की बेटियों, युवाओं और जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। नुआखाई के अवसर पर आयोजित सेवा सम्मान और युवा प्रबोधन कार्यक्रम संस्कृति को सामाजिक सेवा तथा युवा सशक्तीकरण से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है।
युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में युवा शक्ति की निर्णायक भूमिका होगी। राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में युवाओं के लिए अवसर बढ़ा रही है।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करने के लिए गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेन्द्रगढ़ और कवर्धा में पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने की दिशा में भी काम हो रहा है, जहां हर साल करीब चार हजार युवाओं को आधुनिक तकनीक और व्यावसायिक प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन के तहत छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति के तहत युवाओं के नए विचारों और उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वाले प्रदेश के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।
रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने किया रक्तदान
कार्यक्रम के दौरान सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित रक्तदान महाकुंभ का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि इस अभियान में कुल 2,548 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया, जिनमें 1,188 महिलाएं शामिल थीं।
उन्होंने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की बड़ी सेवा है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी छत्तीसगढ़ की सामाजिक सहभागिता, सेवा भावना और नारी शक्ति को दर्शाती है।
राज्यपाल रमेन डेका ने भी युवाओं से की अपील
राज्यपाल रमेन डेका ने नुआखाई की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व नई फसल के स्वागत के साथ धरती माता के प्रति आभार व्यक्त करने और किसानों के परिश्रम का सम्मान करने का अवसर है।
उन्होंने युवाओं से सेवा को जीवन का हिस्सा बनाने, नशे और भटकाव से दूर रहने तथा शिक्षा, कौशल और नवाचार के जरिए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की। राज्यपाल ने रक्तदाताओं, विशेषकर महिला रक्तदाताओं की भी प्रशंसा की।
कार्यक्रम में राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के संदेशों का मुख्य केंद्र युवा सशक्तीकरण, महिला सहभागिता, सामाजिक सेवा और विकसित भारत के लक्ष्य में नागरिकों की भागीदारी रहा।