बस सेवा बंद होने की स्थिति में कर्मचारियों को निजी वाहनों, ऑटो या अन्य साधनों से सफर करना पड़ सकता है। इससे न केवल रोजाना का खर्च बढ़ेगा, बल्कि कार्यालय आने-जाने में भी अतिरिक्त समय लग सकता है।
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नई एजेंसी की नियुक्ति में लग सकता है डेढ़ महीना
मंत्रालय और नवा रायपुर में पदस्थ कर्मचारियों के लिए बस सेवा आवागमन का एक प्रमुख साधन है। ऐसे में संचालन एजेंसी बदलने की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होने से कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
जानकारी के अनुसार, नई एजेंसी के चयन और उसे संचालन की जिम्मेदारी सौंपने में करीब डेढ़ महीने का समय लग सकता है। ऐसे में मौजूदा करार खत्म होने और नई एजेंसी के काम शुरू करने के बीच का अंतर बस सेवा के संचालन पर असर डाल सकता है। फिलहाल इस अवधि में वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
बस संचालन के लिए हर महीने चाहिए सवा करोड़ रुपये
बस सेवा को जारी रखने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने वित्त विभाग से हर महीने करीब 1.25 करोड़ रुपये की राशि की अनुमति मांगी है। इस संबंध में वित्तीय स्वीकृति और आगे की कार्ययोजना अहम होगी।
यदि समय रहते आवश्यक राशि की मंजूरी और संचालन संबंधी निर्णय नहीं लिया गया, तो कर्मचारियों को नियमित आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, बस सेवा आगे भी जारी रहेगी या नहीं, इस पर अंतिम स्थिति संबंधित विभागों के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।
31 अक्टूबर तक डिपो खाली करने का निर्देश
मौजूदा बस संचालन व्यवस्था को लेकर एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। नगर निगम ने वर्तमान एजेंसी को 31 अक्टूबर तक बस डिपो खाली करने का निर्देश दिया है। इसी तारीख को एजेंसी का मौजूदा करार भी समाप्त हो रहा है।
ऐसे में नई एजेंसी के चयन, वित्तीय मंजूरी और बसों के निरंतर संचालन को लेकर आने वाले दिन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं बनी, तो कर्मचारियों को कुछ समय के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
कर्मचारियों की नजर विभागीय फैसले पर
मंत्रालय और नवा रायपुर में कार्यरत करीब 3500 कर्मचारियों के लिए बस सेवा रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ी हुई है। सेवा बाधित होने पर उन्हें अतिरिक्त परिवहन खर्च उठाना पड़ सकता है। खासकर नियमित रूप से रायपुर से नवा रायपुर आने-जाने वाले कर्मचारियों पर इसका सीधा असर पड़ने की आशंका है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि शासन और संबंधित विभाग 31 अक्टूबर से पहले बस संचालन जारी रखने के लिए क्या कदम उठाते हैं। समय पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने की स्थिति में 1 नवंबर से कर्मचारियों की यात्रा संबंधी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।