रायपुर। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण जैसे महान महाकाव्य की रचना कर भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और आदर्शों को विश्व के सामने प्रस्तुत किया।
रामायण के आदर्श आज भी प्रासंगिक: CM साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की कालजयी रचना रामायण में सत्य, कर्तव्य, करुणा, न्याय और लोककल्याण का महत्वपूर्ण संदेश निहित है। ये मूल्य आज भी समाज को सही दिशा दिखाने और नैतिक जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं केवल किसी एक काल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर दौर में मानव समाज के लिए प्रासंगिक बनी रहेंगी।
समरस और संस्कारवान समाज बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने इस पावन अवसर पर प्रदेशवासियों से महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को आत्मसात करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनके विचारों और शिक्षाओं को अपनाकर समरस, संस्कारवान और विकसित समाज के निर्माण में योगदान दिया जा सकता है।
सीएम साय ने प्रदेशवासियों से सत्य, सदाचार और सामाजिक सद्भाव के मूल्यों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया।
भारतीय संस्कृति में महर्षि वाल्मीकि का विशेष स्थान
महर्षि वाल्मीकि को आदिकवि के रूप में जाना जाता है। उनकी रचना रामायण भारतीय साहित्य और संस्कृति की महत्वपूर्ण धरोहर है। भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और कर्तव्यनिष्ठा का वर्णन करने वाला यह महाकाव्य पीढ़ियों से लोगों को नैतिकता और मर्यादा का संदेश देता आ रहा है।
महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनके योगदान को स्मरण करते हुए प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की।