रेस्क्यू के दौरान अजगर के भारी शरीर और उसके फुंकार मारने के कारण टीम को काफी सावधानी बरतनी पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों को भी सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
हाईवे पर विशाल अजगर दिखने से मचा हड़कंप
जानकारी के मुताबिक, नारायणगढ़ में नेशनल हाईवे-72 पर लोगों की नजर अचानक एक विशाल अजगर पर पड़ी। व्यस्त सड़क के नजदीक इतने बड़े सांप को देखकर राहगीरों में हलचल मच गई। इसके बाद वन्यजीव विभाग को इसकी सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही विभाग की टीम के साथ वंदे मातरम दल के सदस्य भी मौके पर पहुंचे। अजगर की लंबाई और वजन को देखते हुए रेस्क्यू की तैयारी की गई। इस दौरान आसपास जमा लोगों को दूर हटाया गया, ताकि बचाव अभियान में किसी प्रकार की बाधा न आए।
दो घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
करीब 93 किलो वजन वाले अजगर को संभालना आसान नहीं था। रेस्क्यू टीम ने सावधानीपूर्वक उसे नियंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की। अजगर के फुंकार मारने और लगातार हिलने-डुलने के कारण उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने में काफी मेहनत करनी पड़ी।
टीम के सदस्यों ने आपसी तालमेल के साथ अजगर को काबू किया और उसे सुरक्षित तरीके से एक कट्टे में रखा। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू अभियान पूरा हुआ। इसके बाद अजगर को वाहन से मोरनी क्षेत्र के जंगलों में ले जाया गया।
मोरनी के जंगल में छोड़ा गया अजगर
रेस्क्यू के बाद अजगर को पंचकूला जिले के मोरनी क्षेत्र में ले जाकर प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया। इस कार्रवाई का वीडियो भी सामने आने की जानकारी है, जिसमें टीम के सदस्य विशाल अजगर को सुरक्षित तरीके से संभालते दिखाई देते हैं।
वन्यजीव विभाग के अधिकारी राजेंद्र प्रसाद के अनुसार, अजगर का आकार और वजन काफी अधिक था, जिसके चलते रेस्क्यू के दौरान विशेष सावधानी बरतनी पड़ी। अधिकारियों के मुताबिक, अजगर की उम्र करीब 30 साल आंकी गई है। हालांकि, उम्र के सटीक निर्धारण के लिए वैज्ञानिक आकलन जरूरी होता है।
2012 से वन्यजीवों को बचाने में जुटा है वंदे मातरम दल
इस अभियान में वंदे मातरम दल ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दल के सदस्य भरत के नेतृत्व में रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। दल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2012 से अब तक 1,300 से अधिक वन्यजीव रेस्क्यू ऑपरेशन किए जा चुके हैं।
टीम का कहना है कि ऐसे अभियानों का उद्देश्य वन्यजीवों को नुकसान से बचाते हुए उन्हें सुरक्षित प्राकृतिक आवास तक पहुंचाना है। हाईवे जैसे व्यस्त स्थान पर अजगर का मिलना लोगों के साथ-साथ उस वन्यजीव के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता था।
सांप दिखाई दे तो खुद पकड़ने की कोशिश न करें
विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी सड़क, खेत या रिहायशी इलाके में अजगर या अन्य सांप दिखाई देने पर लोगों को उससे दूरी बनाए रखनी चाहिए। उसे पकड़ने, घेरने या डंडे से छेड़ने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है।
ऐसी स्थिति में वन्यजीव विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देना सबसे सुरक्षित विकल्प है। नारायणगढ़ में चलाया गया यह अभियान भी दिखाता है कि बड़े वन्यजीवों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण, सावधानी और टीमवर्क कितना जरूरी है।
फिलहाल, करीब 13 फीट लंबे और 93 किलो वजनी अजगर को सुरक्षित जंगल में छोड़े जाने के बाद राहत मिली है। इस रेस्क्यू के चलते हाईवे पर जमा लोगों की चिंता भी दूर हुई।