मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद कृषि मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उपज बेचने में सुविधा देना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना है।
15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी
राज्य में खरीफ विपणन वर्ष के लिए धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू करने की तैयारी है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम के अनुसार, किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाएगा।
धान खरीदी छत्तीसगढ़ के किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में खरीदी की तारीख और निर्धारित दर को लेकर किसानों की नजर सरकार की तैयारियों पर रहेगी। खरीदी प्रक्रिया सुचारु रखने के लिए केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना भी अहम होगा।
360 नए केंद्र खुलने से किसानों को मिलेगी राहत
धान बेचने के लिए किसानों को अधिक दूरी तय न करनी पड़े, इसके लिए प्रदेश में 360 नए खरीदी केंद्र खोलने का फैसला लिया गया है। सरकार को उम्मीद है कि नए केंद्र शुरू होने से मौजूदा केंद्रों पर भीड़ का दबाव कम होगा और किसानों को अपनी उपज बेचने में सहूलियत मिलेगी।
नए केंद्रों का विस्तार खासकर उन क्षेत्रों के किसानों के लिए उपयोगी हो सकता है, जहां अभी धान बेचने के लिए दूर जाना पड़ता है। इससे समय और परिवहन खर्च बचाने में भी मदद मिल सकती है।
दूसरी फसल उगाने पर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता
सरकार धान की खेती के साथ-साथ अन्य फसलों को भी बढ़ावा देना चाहती है। कृषि मंत्री ने बताया कि धान के बदले दूसरी फसल लेने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य खेती में विविधता बढ़ाना और किसानों को वैकल्पिक फसलों की ओर प्रोत्साहित करना है। हालांकि, सहायता का लाभ किन फसलों पर मिलेगा, इसके लिए पात्रता की शर्तें क्या होंगी और आवेदन की प्रक्रिया किस तरह चलेगी, इसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों से स्पष्ट होगी।
जनवरी से गरीब परिवारों को मिलेगा सुपर फाइन चावल
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए रामविचार नेताम ने बताया कि जनवरी से पात्र गरीब परिवारों को सुपर फाइन चावल उपलब्ध कराने की योजना है। इस निर्णय का लाभ संबंधित पात्र परिवारों को मिलने की बात कही गई है।
इस व्यवस्था को लागू करने के लिए वितरण प्रणाली और पात्रता से जुड़े निर्देश महत्वपूर्ण होंगे। लाभार्थियों को चावल कब और किस प्रक्रिया के तहत मिलेगा, इसकी जानकारी संबंधित विभाग की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट होगी।
किसानों और गरीब परिवारों पर फैसलों का असर
राज्य सरकार के बताए गए फैसलों में धान खरीदी की दर, नए खरीदी केंद्र, वैकल्पिक फसलों के लिए आर्थिक सहायता और गरीब परिवारों को चावल उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे शामिल हैं। इनका प्रभाव खरीदी व्यवस्था के क्रियान्वयन, किसानों तक सहायता पहुंचने और संबंधित योजनाओं की शर्तों पर निर्भर करेगा।
फिलहाल, किसानों के लिए 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने और 360 नए केंद्र खोलने की तैयारी प्रमुख घोषणाओं में शामिल है। आने वाले दिनों में केंद्रों की सूची और अन्य योजनाओं के विस्तृत दिशा-निर्देशों पर नजर रहेगी।