नेताओं को सौंपा गया 100 समर्थक लाने का जिम्मा
रैली में अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस ने संगठन स्तर पर तैयारी की थी। तेलंगाना कांग्रेस के एक पदाधिकारी के अनुसार, प्रदेश के नेताओं को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से लगभग 100 समर्थकों को दिल्ली पहुंचाने का लक्ष्य दिया गया था।
इसके लिए स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क किया गया। दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों के लिए परिवहन और ठहरने की व्यवस्था भी की गई थी।
वसंत कुंज के होटलों में ठहराए गए कार्यकर्ता
तेलंगाना से दिल्ली पहुंचे एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने बताया कि उनके राज्य से आए कई लोगों के रुकने की व्यवस्था वसंत कुंज के होटलों में की गई थी। कुछ कार्यकर्ता ट्रेन से पहुंचे तो कई लोग हवाई यात्रा कर राजधानी आए।
रैली से पहले ही अलग-अलग राज्यों के कार्यकर्ताओं के दिल्ली पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। उनके रहने और कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने की व्यवस्था पार्टी की ओर से की गई थी।
छत्तीसगढ़ समेत तीन राज्यों के कलाकारों ने दिखाया दम
इस रैली में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ सांस्कृतिक दलों की भी खास मौजूदगी रही। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गुजरात के कलाकारों को पारंपरिक एवं जनजातीय संस्कृति की प्रस्तुति के लिए बुलाया गया था।
जानकारी के मुताबिक, इन कलाकारों ने दिल्ली पहुंचने से पहले करीब एक सप्ताह तक अभ्यास किया था। कलाकार अपनी पारंपरिक वेशभूषा के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए विभिन्न राज्यों की लोक परंपराओं को प्रदर्शित किया।
महाराष्ट्र से 500 महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी
रैली में महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। महाराष्ट्र के चंद्रपुर की महिला कांग्रेस अध्यक्ष चंदा वरगड़े के मुताबिक, उनके क्षेत्र से करीब 500 महिला कार्यकर्ता ट्रेन के जरिए दिल्ली पहुंचीं।
उन्होंने बताया कि महिलाओं को रैली में शामिल करने के लिए लगभग दो सप्ताह पहले से तैयारी चल रही थी। उनका समूह 30 अक्टूबर को ही दिल्ली पहुंच गया था।
कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक निकला मार्च
रविवार को INDIA गठबंधन के 19 से अधिक विपक्षी दलों ने दिल्ली में संयुक्त मार्च और रैली के जरिए शक्ति प्रदर्शन किया। मार्च कनॉट प्लेस के पास से शुरू होकर मिंटो रोड और कमला मार्केट होते हुए रामलीला मैदान पहुंचा। इसकी दूरी करीब 1.3 किलोमीटर बताई गई।
दोपहर लगभग 12:45 बजे शुरू हुए मार्च में विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, सुप्रिया सुले और फारूक अब्दुल्ला समेत कई नेता खुली बसों में सवार होकर रामलीला मैदान पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे तक चला यह काफिला दोपहर लगभग 2:30 बजे रैली स्थल पर पहुंचा।
मतदाता सूची और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष का विरोध
इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली रहा। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष ने करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने का दावा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई है।
हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आंकड़े और उनके कारणों को लेकर विपक्ष के दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर बोला हमला
रामलीला मैदान में आयोजित सभा के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को लेकर तीखी टिप्पणी की और कहा कि उन्हें कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, दिल्ली की इस रैली के जरिए INDIA गठबंधन ने अपनी एकजुटता दिखाने की कोशिश की। वहीं, रैली के लिए कांग्रेस की ओर से की गई संगठनात्मक तैयारियां और अलग-अलग राज्यों से कार्यकर्ताओं एवं कलाकारों की भागीदारी भी चर्चा में रही।