चंडीगढ़। पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। महज दो दिनों के भीतर तीन विधायकों ने पार्टी या विधानसभा की सदस्यता छोड़ने का कदम उठाया है। समाना के विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा के बाद अब अमृतसर नॉर्थ से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। लगातार हो रहे इन घटनाक्रमों से पंजाब की सियासत में हलचल तेज हो गई है।

सीधे विधानसभा स्पीकर को भेजा इस्तीफा

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पूर्व IPS अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने 1 नवंबर 2026 को अपना त्यागपत्र पंजाब विधानसभा अध्यक्ष को भेजा। उन्होंने ई-मेल, व्हाट्सएप और डाक के जरिए इस्तीफा पत्र प्रेषित किया। खास बात यह रही कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व के माध्यम से इस्तीफा देने के बजाय सीधे विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेजा।

अपने त्यागपत्र में उन्होंने इस्तीफे के लिए किसी स्पष्ट राजनीतिक या व्यक्तिगत वजह का उल्लेख नहीं किया है। हालांकि, इसके बाद सोशल मीडिया पर जारी संदेश में उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात और कई गंभीर समस्याओं को लेकर अपनी बात रखी।

नशे और गैंगस्टरवाद को लेकर सरकार पर उठाए सवाल

कुंवर विजय प्रताप ने अमृतसर की जनता के नाम जारी संदेश में कहा कि पंजाब नशे, फिरौती, गैंगस्टरवाद और भ्रष्टाचार जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। उन्होंने इन समस्याओं से राज्य को बाहर निकालने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत बताई।

उन्होंने अपने विधायक कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्होंने अपने निर्धारित लक्ष्यों में करीब 90 प्रतिशत सफलता हासिल की। इसके अलावा बरगाड़ी बेअदबी मामला, स्थानीय जल समस्या, सीवरेज व्यवस्था, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी और सरकारी मेडिकल कॉलेज जैसे मुद्दों को सदन में उठाने की बात भी कही।

पहले ही पांच साल के लिए पार्टी से हो चुके थे निलंबित

कुंवर विजय प्रताप सिंह पंजाब कैडर के 1998 बैच के चर्चित IPS अधिकारी रहे हैं। उन्होंने 12 अप्रैल 2021 को समय से पहले वीआरएस लेकर राजनीति में कदम रखा था। इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर अमृतसर नॉर्थ सीट से जीत दर्ज की थी।

हालांकि, विधायक बनने के बाद उनका पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेद सामने आने लगा था। पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों के चलते 29 जून 2025 को उन्हें पांच साल के लिए निलंबित कर दिया गया था।

जौड़ामाजरा और पठानमाजरा भी छोड़ चुके हैं AAP

कुंवर विजय प्रताप के इस्तीफे से पहले रविवार को समाना विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने भी आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

पठानमाजरा के मुताबिक, दोनों नेता सोमवार को नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं।

दोनों नेताओं ने AAP नेतृत्व पर पंजाब के हितों की अनदेखी करने और राज्य की राजनीति को दिल्ली से नियंत्रित करने का आरोप लगाया है।

40 उम्मीदवारों की सूची के बाद बढ़ी नाराजगी

पार्टी में असंतोष की एक बड़ी वजह विधानसभा चुनाव के लिए जारी की गई 40 उम्मीदवारों की पहली सूची और विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में नए प्रभारियों की नियुक्ति को माना जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, समाना में सुरजीत सिंह रखड़ा और सनौर में रंजोध हडाना को नया हलका इंचार्ज बनाया गया था। इसे मौजूदा विधायकों के लिए राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा गया। इससे पार्टी के भीतर टिकट को लेकर नाराजगी और बढ़ गई।

2027 चुनाव से पहले AAP के सामने नई चुनौती

पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव से पहले लगातार सामने आ रही बगावत ने आम आदमी पार्टी के सामने संगठनात्मक चुनौती खड़ी कर दी है। एक के बाद एक विधायकों के इस्तीफे से पार्टी की राजनीतिक रणनीति पर भी सवाल उठने लगे हैं।

अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस नाराजगी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है और भाजपा में संभावित शामिल होने वाले नेताओं के फैसले से पंजाब की राजनीति में आगे क्या बदलाव आता है।
Published By- | 02-Nov-2026 12:43:00 pm