रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में दो प्रमुख आरोपियों को अदालत से बड़ी राहत मिली है। पूर्व आबकारी विभाग के एमडी अरुणपति त्रिपाठी और कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की जमानत याचिकाएं मंजूर हो गई हैं। बिलासपुर हाईकोर्ट के इस फैसले से दोनों को संबंधित मामलों में राहत मिली है। हालांकि, अन्य प्रकरणों में न्यायिक हिरासत के चलते फिलहाल दोनों की जेल से रिहाई का रास्ता साफ नहीं हुआ है।

95 दिन बाद अरुणपति त्रिपाठी को मिली राहत

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पूर्व आबकारी एमडी अरुणपति त्रिपाठी को मैनपावर घोटाला मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिली है। वह करीब 95 दिनों से न्यायिक हिरासत में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। उनकी ओर से अधिवक्ता शशांक मिश्रा ने अदालत में पक्ष रखा था।

हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। इसके बाद अब जमानत की शर्तों और अन्य कानूनी औपचारिकताओं के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

रामगोपाल अग्रवाल को भी शराब घोटाले में जमानत

इसी मामले में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को भी अदालत से राहत मिली है। शराब घोटाले से जुड़े प्रकरण में उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली गई है।

हालांकि, अग्रवाल के खिलाफ कोयला घोटाला और चावल घोटाले से जुड़े मामले भी लंबित हैं। इन प्रकरणों में जेल में बंद होने के कारण शराब घोटाले में जमानत मिलने के बावजूद उनकी तत्काल रिहाई संभव नहीं है।

जमानत के बाद भी जेल से बाहर आना मुश्किल

दोनों आरोपियों को संबंधित मामलों में जमानत मिलने के बावजूद उनकी रिहाई अन्य लंबित प्रकरणों पर निर्भर करेगी। अरुणपति त्रिपाठी की भी दूसरे मामलों में हिरासत की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही रिहाई संभव होगी।

इस घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले की कानूनी कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि, जमानत मिलना आरोपों से दोषमुक्त होना नहीं है। संबंधित मामलों में न्यायिक प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
Published By- | 05-Nov-2026 01:07:00 pm