इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चलेगा अभियान
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, मिजोरम, ओडिशा तथा सिक्किम में संचालित की जाएगी।
इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। इसके जरिए उन नागरिकों को भी वोटर लिस्ट में शामिल होने का अवसर मिलेगा, जो अब तक किसी कारणवश अपना पंजीकरण नहीं करा पाए हैं।
30 नवंबर को जारी होगी प्रारूप मतदाता सूची
चुनाव आयोग ने SSR के लिए समयसीमा निर्धारित कर दी है। इसके तहत 30 नवंबर को संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी।
प्रारूप सूची जारी होने के बाद मतदाता अपने नाम और अन्य जानकारियों की जांच कर सकेंगे। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में नहीं है या किसी प्रकार की गलती दर्ज है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दर्ज करा सकेगा।
प्राप्त आवेदनों और आपत्तियों की जांच के बाद उनका निपटारा किया जाएगा। इसके बाद 21 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवाओं को भी मिलेगा मौका
इस अभियान में पहली बार मतदान करने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी विशेष सुविधा रखी गई है। आयोग के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार, वर्ष 2027 में 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी अग्रिम आवेदन कर सकेंगे।
इस व्यवस्था का फायदा उन युवाओं को मिलेगा, जो निर्धारित तारीखों पर मतदान के योग्य होने वाले हैं। उन्हें मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए पात्रता की तारीख आने तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
मुख्य सचिवों को दिए गए जरूरी निर्देश
SSR अभियान को समय पर पूरा कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने कहा है कि पुनरीक्षण के दौरान पर्याप्त कर्मचारियों की उपलब्धता होनी चाहिए। इसके साथ ही बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की तैनाती, तकनीकी संसाधनों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया जाए।
जमीनी स्तर पर अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि मतदाता सूची से जुड़ा कोई भी पात्र नागरिक पंजीकरण से वंचित न रह जाए।
मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने पर जोर
निर्वाचन आयोग का यह अभियान चुनावी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मतदाता सूची में नामों की त्रुटियों को दूर करने, नए मतदाताओं को जोड़ने और पात्र नागरिकों को मतदान का अधिकार सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अब संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनावी मशीनरी इस प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने की तैयारी करेगी। अंतिम मतदाता सूची 21 जनवरी 2027 को प्रकाशित की जाएगी।