जानकारी के अनुसार, युवक सुरेश सेठिया दुष्कर्म के एक मामले में न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल जगदलपुर में बंद है। इसी बीच उसकी प्रेमिका ने अदालत में आवेदन देकर जेल परिसर में विवाह की अनुमति मांगी। दोनों के बालिग होने और आपसी सहमति को देखते हुए अदालत ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत विवाह की अनुमति दे दी।
युवती बोली- परिवार के दबाव में दर्ज कराई थी FIR
विवाह के बाद युवती ने कहा कि उसने परिवार के दबाव में युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। उसका कहना है कि दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते थे और अपनी मर्जी से शादी करना चाहते थे। इसलिए उसने अदालत से विवाह की अनुमति मांगी, जिसे स्वीकृति मिल गई।
जेल परिसर में पूरी हुई शादी की रस्में
अदालत के आदेश के बाद केंद्रीय जेल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के बीच विवाह की सभी आवश्यक रस्में पूरी कराई गईं। दोनों ने विधिवत सात फेरे लेकर एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। विवाह के दौरान जेल प्रशासन के अधिकारी और आवश्यक गवाह भी मौजूद रहे।
कानूनी प्रक्रिया रहेगी जारी
हालांकि विवाह होने के बावजूद युवक के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। शादी का मामले की जांच या न्यायिक कार्यवाही पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अदालत में विचाराधीन मामले का फैसला साक्ष्यों और कानून के आधार पर ही किया जाएगा।
यह अनोखा विवाह अब पूरे बस्तर संभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि न्यायिक हिरासत में बंद आरोपी का अदालत की अनुमति से जेल परिसर में विवाह कराए जाने के मामले बेहद कम देखने को मिलते हैं।