अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास जनता से जुड़े कोई ठोस मुद्दे नहीं हैं। उनका कहना था कि पार्टी छोटे-छोटे मामलों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने E20 फ्यूल, भोरमदेव मंदिर विवाद, भाजपा कार्यकर्ताओं के इस्तीफे और कांग्रेस के आंतरिक पत्र जैसे मुद्दों पर भी कांग्रेस नेतृत्व को घेरा।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के E20 फ्यूल संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चंद्राकर ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को इस विषय पर अदालत से अनुमति मिल चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों से दूर होकर केवल परिवारवाद की राजनीति में उलझी हुई है।
भोरमदेव मंदिर विवाद पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति करती है और धार्मिक मामलों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करती है। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं के इस्तीफे के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह एक स्थानीय मामला था, जिसे कांग्रेस ने अनावश्यक रूप से बड़ा बनाने का प्रयास किया।
कांग्रेस की वर्तमान स्थिति पर टिप्पणी करते हुए चंद्राकर ने कहा कि पार्टी जनकल्याण के मुद्दों से पूरी तरह दूर हो चुकी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को अब अपना राजनीतिक भविष्य तलाशना चाहिए, क्योंकि छत्तीसगढ़ में पार्टी का भविष्य नजर नहीं आता।
कांग्रेस के आंतरिक पत्र पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी ने अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित कर दी है। उनके अनुसार, किसी भी लोकतांत्रिक दल में इस तरह की स्थिति उचित नहीं मानी जा सकती।