- कहा- "युवाओं का सम्मान किया जाना चाहिए"
बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत की 'जेन ज़ी' (Gen Z) प्रदर्शनकारियों पर की गई टिप्पणी से जुड़े विवाद पर एक्टर सोनू सूद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि युवाओं का सम्मान किया जाना चाहिए क्योंकि वे पब्लिक फिगर्स और उनके करियर को आकार देने में अहम भूमिका निभाते हैं।
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बुधवार को मीडिया से बात करते हुए, सोनू सूद ने शुरू में कहा कि उन्होंने कंगना की टिप्पणी नहीं सुनी है। हालांकि, उन्होंने युवा पीढ़ी और जनता के समर्थन के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
जब उन्हें कंगना रनौत के बयान के बारे में बताया गया, तो सोनू ने कहा, "मैंने उनका बयान नहीं सुना है। लेकिन मुझे लगता है कि ये युवा ही एक्टर्स को बनाते हैं, और वे ही आपको इस मुकाम तक पहुंचने में मदद करते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "जब तक वे आपके साथ खड़े हैं, आप तरक्की करते रहेंगे। अगर वे आपके साथ नहीं हैं, तो मुश्किल हो जाती है। इसलिए सभी को साथ लेकर चलना चाहिए।"
एक्टर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जनता का समर्थन सिर्फ़ एंटरटेनमेंट ही नहीं, बल्कि हर पेशे में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "आपका पेशा चाहे जो भी हो, चाहे आप एक्टर हों, डॉक्टर हों या कुछ और, इस दुनिया में आपका अस्तित्व तभी मायने रखता है जब लोग आपसे जुड़े हों।"
जब पत्रकारों ने उन्हें बताया कि कंगना ने 'जेन ज़ी' को "जेनरेशन गटर" कहा है, तो सोनू ने इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, "अगर उन्होंने ऐसा कहा है, तो मुझे लगता है कि यह बहुत शर्मनाक है। ऐसा नहीं कहा जाना चाहिए था।"
ज़िम्मेदारी से बोलने की ज़रूरत पर बात करते हुए सोनू ने आगे कहा, "एक कहावत है, 'तोल-मोल के बोल' (बोलने से पहले अपने शब्दों को तौलें)। बोलने से पहले सोच-समझकर बोलना बहुत ज़रूरी है क्योंकि जनता भगवान का ही एक रूप है।"
विवाद कैसे शुरू हुआ?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कंगना ने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी शेयर करके 'जेन ज़ी' प्रदर्शनकारियों और जंतर-मंतर व अन्य जगहों पर हुए प्रदर्शनों के दौरान इस्तेमाल की गई भाषा की आलोचना की।
प्रदर्शनों के वीडियो का ज़िक्र करते हुए कंगना ने लिखा, "मैंने अपनी ज़िंदगी में कभी भी एक जगह पर इतनी बदसूरती नहीं देखी। 'जेन ज़ी' प्रदर्शनों की ये रील्स उल्टी लाने वाली हैं। जिस तरह से वे बात करते हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं... मैंने अपनी ज़िंदगी में कभी भी हर फ्रेम में सब कुछ इतना खटकने वाला और इतना भद्दा एक साथ नहीं देखा।" उन्होंने कुछ प्रदर्शनकारियों पर आज़ादी का गलत इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया और कहा कि वे "ड्रग्स और शराब लेने की अपनी आज़ादी का गर्व से दिखावा करते हैं और बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर जीते हैं"।
उसी पोस्ट में कंगना ने इस ग्रुप को "जेनरेशन गटर" कहा।
अपनी बात समझाते हुए उन्होंने लिखा, "मैं उन्हें 'जेनरेशन गटर' कहती हूँ। उनमें से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई-लिखाई में अच्छे नहीं हैं। वे इतने बुरे और भ्रष्ट हैं कि वे घर भी नहीं संभाल सकते।"
उनकी इन बातों पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है; कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ उनकी आलोचना कर रहे हैं।