ग्लासगो में खेले गए क्वालिफिकेशन मुकाबले में नीरज चोपड़ा ने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास में 79.61 मीटर दूर भाला फेंका और कुल प्रदर्शन के आधार पर पांचवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि, वह 84.00 मीटर के ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मार्क तक नहीं पहुंच सके। खराब मौसम और ठंड के कारण कोई भी खिलाड़ी निर्धारित दूरी हासिल नहीं कर पाया, जिसके चलते दोनों क्वालिफिकेशन ग्रुप के शीर्ष 12 खिलाड़ियों को फाइनल के लिए चुना गया।
भारत के लिए यह बड़ी उपलब्धि रही कि उसके तीनों जैवलिन थ्रोअर फाइनल में पहुंचे। रोहित यादव ने 78.37 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर नौवां स्थान हासिल किया, जबकि यश वीर सिंह ने 78.36 मीटर के प्रयास के साथ 10वें स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई।
वहीं पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम ने 78.63 मीटर का थ्रो कर सातवां स्थान हासिल किया। क्वालिफिकेशन में वह नीरज चोपड़ा से पीछे रहे, लेकिन फाइनल के लिए क्वालिफाई करने में सफल रहे।
क्वालिफिकेशन राउंड में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पाथिराजे ने 82.84 मीटर का थ्रो कर पहला स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स (81.29 मीटर) और तीसरे स्थान पर दक्षिण अफ्रीका के डाउ स्मिथ (80.64 मीटर) रहे।
अब सभी की नजर फाइनल मुकाबले पर है, जहां नीरज चोपड़ा अपने दूसरे कॉमनवेल्थ स्वर्ण पदक की चुनौती पेश करेंगे। भारत के तीन खिलाड़ियों के फाइनल में पहुंचने से देश की पदक उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।