24 घंटे ले सकेंगे राशन
ग्रेन एटीएम से राशन लेने के लिए हितग्राही को मशीन की स्क्रीन पर आधार नंबर या राशनकार्ड नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा होने पर मशीन पात्रता के अनुसार निर्धारित मात्रा में चावल उपलब्ध कराएगी।
इस व्यवस्था से उचित मूल्य की दुकानों पर लगने वाली लंबी कतार और समय की बाध्यता से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
दूसरे राज्यों के राशनकार्डधारी भी उठा सकेंगे लाभ
‘वन नेशन, वन राशनकार्ड’ योजना के तहत अन्य राज्यों के पात्र राशनकार्डधारी भी इन ग्रेन एटीएम का इस्तेमाल कर सकेंगे। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए प्रवासी श्रमिकों और दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले हितग्राहियों को भी राशन प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।
देश का पांचवां राज्य बना छत्तीसगढ़
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम वर्तमान में उत्तराखंड, मेघालय, गुजरात और ओडिशा में संचालित किए जा रहे हैं। इन राज्यों के बाद छत्तीसगढ़ भी ग्रेन एटीएम संचालित करने वाला देश का पांचवां राज्य बन गया है।
फिलहाल रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में तीन मशीनों की शुरुआत की गई है।
2500 किलो तक चावल रखने की क्षमता
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से स्थापित इन ग्रेन एटीएम में करीब 2500 किलोग्राम चावल रखने की क्षमता है। मशीन में चावल की लोडिंग स्वचालित प्रणाली से की जाएगी। बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद मशीन हितग्राही की पात्रता के अनुसार निर्धारित मात्रा में चावल उपलब्ध कराएगी।
PDS में पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि राज्य सरकार PDS व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और जनसुविधा केंद्रित बनाने के लिए लगातार नवाचार कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रेन एटीएम से हितग्राही अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय राशन ले सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी और उचित मूल्य की दुकानों पर भीड़ कम होने की उम्मीद है।
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम की प्रतिनिधि नजी़नो हॉसीमोनी ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे पारदर्शी और प्रभावी सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।