पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 20.80 लाख रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल एक्टिवा स्कूटर और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बाकी 2.80 लाख रुपये की बरामदगी के लिए पुलिस पूछताछ कर रही है।
पार्टी से 23.60 लाख रुपये लेने गया था कर्मचारी
पुलिस के अनुसार, अशोक विहार निवासी एक कारोबारी का लालबाग इलाके में केमिकल का कारोबार है। 21 अगस्त को कारोबारी ने अपने कर्मचारी अर्जुन शर्मा को सरस्वती विहार स्थित एक पार्टी से भुगतान के तौर पर 23.60 लाख रुपये लेने भेजा था।
अर्जुन ने सरस्वती विहार के सी-522 से रकम ली और उसे बैंक में जमा कराने के लिए निकल गया। कुछ समय बाद कारोबारी ने जब कर्मचारी से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल बंद मिला।
काफी तलाश के बावजूद जब अर्जुन का पता नहीं चला तो कारोबारी ने आदर्श नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मोबाइल बंद कर सोशल मीडिया से भी दूरी बनाई
पुलिस ने 24 अगस्त को मामले में BNS की धारा 316(4) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि अर्जुन ने कथित तौर पर जानबूझकर अपना मोबाइल बंद कर दिया था।
पुलिस के मुताबिक, उसने पुराने मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल भी बंद कर दिया, ताकि उसकी लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो सके।
एक्टिवा के रास्ते से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी निगरानी के साथ आरोपी की आवाजाही पर भी ध्यान दिया। पुलिस ने उसके एक्टिवा स्कूटर की गतिविधियों और संभावित रास्तों को खंगालना शुरू किया।
लगातार जांच के बाद पुलिस को आरोपी के संभावित ठिकानों और उसकी आवाजाही के बारे में अहम सुराग मिले।
जयपुर से चंडीगढ़ और फिर मनाली पहुंचा
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए अर्जुन लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। जांच में उसकी मौजूदगी जयपुर, चंडीगढ़ और मनाली में सामने आई।
पुलिस टीम उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही थी। आखिरकार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
20.80 लाख रुपये बरामद
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 20 लाख 80 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल एक्टिवा स्कूटर और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस अब बाकी 2.80 लाख रुपये की बरामदगी को लेकर आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान रकम कहां-कहां रखी गई और बाकी पैसा कहां खर्च किया गया।
पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला
पुलिस के अनुसार, अर्जुन शर्मा का इससे पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस बरामद रकम व अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पुलिस आरोपी के बयानों को अन्य सबूतों से मिलाकर यह पता लगाने में जुटी है कि पूरी रकम के साथ फरार होने की योजना कैसे बनाई गई थी।