सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य डेयरी किसानों की आय बढ़ाना और राज्य के डेयरी क्षेत्र को मजबूत करना है। खास बात यह है कि हाल के दिनों में दूध की खरीद कीमत में यह लगातार दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले 19 अगस्त को खरीद कीमत 38 रुपये से बढ़ाकर 41 रुपये प्रति लीटर की गई थी।
किसानों को उत्पादन लागत के मुकाबले बेहतर रिटर्न की उम्मीद
आविन तमिलनाडु का प्रमुख सहकारी डेयरी ब्रांड है। खरीद कीमत बढ़ाए जाने से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में दूध उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकार के मुताबिक, बढ़ी हुई खरीद कीमत से किसानों को दूध उत्पादन की लागत के मुकाबले बेहतर रिटर्न मिल सकेगा। इससे डेयरी कारोबार को प्रोत्साहन मिलने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की भी उम्मीद है।
बिजली नेटवर्क पर 33,066 करोड़ रुपये का निवेश
तमिलनाडु सरकार ने राज्य के बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भी बड़े निवेश की घोषणा की है। तमिलनाडु ट्रांसमिशन इम्प्रूवमेंट स्कीम के तहत 196 नए सबस्टेशन बनाए जाएंगे और करीब 15,000 किलोमीटर नई बिजली लाइनों का विस्तार किया जाएगा।
इस पूरी योजना पर करीब 33,066 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। सरकार का लक्ष्य बढ़ती औद्योगिक और घरेलू बिजली मांग के अनुरूप ट्रांसमिशन नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना है।
तूतीकोरिन में बनेगा 1,600 MW का पावर प्लांट
राज्य सरकार ने तूतीकोरिन में 1,600 मेगावाट क्षमता का सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर स्टेशन स्थापित करने की योजना भी सामने रखी है। यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित की जाएगी।
परियोजना में करीब 20,800 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। सरकार को उम्मीद है कि इससे राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
सेमीकंडक्टर और लॉजिस्टिक्स पर भी फोकस
तमिलनाडु सरकार बिजली के साथ-साथ सेमीकंडक्टर और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। इसका उद्देश्य राज्य के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है।
दूध की खरीद कीमत में बढ़ोतरी के साथ बिजली, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बड़े निवेश के ऐलान को राज्य की अर्थव्यवस्था, किसानों की आय और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।