ट्रस्ट की उच्चस्तरीय बैठक में पहली बार CEO पद का सृजन किया गया, जिस पर जितेंद्र मिश्रा के नाम को मंजूरी दी गई। वह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले हैं और भारतीय वायु सेना में करीब 37 वर्षों तक सेवाएं दे चुके हैं।
सुरक्षा और प्रबंधन पर रहेगा फोकस
राम मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने का निर्णय लिया है। नए CEO के आने से मंदिर की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, वीआईपी मूवमेंट, वित्तीय पारदर्शिता और दैनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
लंबे सैन्य अनुभव का मिलेगा लाभ
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में अधिकारी रहे हैं और पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व भी कर चुके हैं। इसी साल 30 अप्रैल को वह एयर मार्शल पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
राम मंदिर के इतिहास में पहली बार CEO की नियुक्ति को ट्रस्ट का महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। इससे मंदिर प्रबंधन को आधुनिक और पेशेवर स्वरूप देने की दिशा में नई शुरुआत होगी।