क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भारतीय पत्रकारों के साथ वर्चुअल बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे की जानकारी दी। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा।
पीएम मोदी और पुतिन के बीच अहम बैठक
राष्ट्रपति पुतिन अपने भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच करीबी व्यक्तिगत संपर्क हैं। दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुले तथा रचनात्मक तरीके से बातचीत करने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा दोनों देशों के सहयोग के लिए नए अवसर और संभावनाएं खोल सकती है।
BRICS के तीन प्रमुख स्तंभों पर रहेगा जोर
रूस ने ब्रिक्स सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों को महत्वपूर्ण बताया है। इनमें राजनीति और सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वित्त तथा सांस्कृतिक और मानवीय सहयोग शामिल हैं।
रूस ब्रिक्स के विस्तार और विभिन्न प्रारूपों के माध्यम से नए देशों को संगठन से जोड़ने के विचार का भी समर्थन करता है। ऐसे में नई दिल्ली में होने वाला शिखर सम्मेलन वैश्विक दक्षिण और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अगस्त में SCO समिट में मिले थे दोनों नेता
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की थी। पीएम मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर भारत का रुख दोहराते हुए शांति और बातचीत के जरिए समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया था।
भारत कर रहा है BRICS सम्मेलन की मेजबानी
भारत 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। भारत ने इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली है और यह संगठन की स्थापना के 20 वर्ष पूरे होने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण वर्ष है।
भारत की अध्यक्षता की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखी गई है। इसके तहत व्यापार, कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, शहरी विकास, स्टार्टअप और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा।
भारत-रूस संबंधों के लिए अहम दौरा
राष्ट्रपति पुतिन का भारत दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब वैश्विक राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। BRICS सम्मेलन के मंच पर भारत और रूस के शीर्ष नेताओं की मुलाकात से दोनों देशों के रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।