खुद को बताया PMO अधिकारी
मुंबई पुलिस के मुताबिक, NMACC परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के दौरान 24 वर्षीय एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। युवक कथित तौर पर खुद को PMO का अधिकारी या प्रतिनिधि बताकर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद था। उसके साथ एक निजी सुरक्षा गार्ड भी था।
सुरक्षा कर्मियों को गतिविधियां संदिग्ध लगने पर दोनों को तत्काल हिरासत में लिया गया। गार्ड के पास मौजूद हथियार को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया।
क्राइम ब्रांच कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों संदिग्ध कार्यक्रम स्थल तक कैसे पहुंचे और उनका वहां आने का वास्तविक उद्देश्य क्या था।
पुलिस युवक द्वारा PMO अधिकारी होने के किए गए दावे की भी जांच कर रही है। उसके पहचान संबंधी दस्तावेजों और अन्य कागजातों को खंगाला जा रहा है।
हथियार के लाइसेंस की भी जांच
जांच के दौरान पुलिस हथियार के लाइसेंस और उससे जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद बंदूक वैध लाइसेंस के तहत रखी गई थी या नहीं।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से ठीक पहले हाई-सिक्योरिटी इलाके में इस तरह दो संदिग्धों के पकड़े जाने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और संदिग्धों से पूछताछ के बाद ही घटना से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।