इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने परियोजना में हुई देरी को लेकर पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस परियोजना की कल्पना वर्षों पहले की गई थी, वह लंबे समय तक सरकारी फाइलों में उलझी रही।
326 रूट किलोमीटर का फ्रेट कॉरिडोर देश को समर्पित
प्रधानमंत्री मोदी ने वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तीन प्रमुख खंडों का उद्घाटन किया। इनकी कुल लंबाई करीब 326 रूट किलोमीटर है।
राष्ट्र को समर्पित किए गए प्रमुख खंडों में शामिल हैं—
साणंद (उत्तर)-मकरपुरा
न्यू उमरगांव-न्यू सफाले
न्यू सफाले-जवाहरलाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल (JNPT)
इन परियोजनाओं पर कुल 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। फ्रेट कॉरिडोर के शुरू होने से औद्योगिक क्षेत्रों और बंदरगाहों के बीच माल परिवहन को गति मिलने की उम्मीद है।
‘विकसित भारत’ के संकल्प को मिलेगी रफ्तार
कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह आयोजन देश की प्रगति और विकास में योगदान देने वाले लोगों का उत्सव है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और आधुनिक बुनियादी ढांचा इस यात्रा को नई गति देगा।
पीएम मोदी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था और व्यापार को मजबूत बनाने में फ्रेट कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
पिछली सरकारों पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना में हुई देरी को लेकर पिछली सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना की कल्पना वर्ष 2004 में की गई थी और 2006 में इसके लिए विशेष कंपनी का गठन भी हो गया था।
इसके बावजूद परियोजना लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ सकी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज यहां मौजूद कई युवा उस समय शायद पैदा भी नहीं हुए होंगे, जब इस परियोजना की योजना बनाई गई थी।
‘7-8 साल में एक किलोमीटर भी नहीं बना’
पीएम मोदी ने कहा कि परियोजना शुरू होने के शुरुआती सात से आठ वर्षों में फ्रेट कॉरिडोर का एक किलोमीटर हिस्सा भी पूरा नहीं किया जा सका था।
उन्होंने कहा कि यदि देश उसी रफ्तार से आगे बढ़ता रहता तो इस परियोजना को पूरा होने में कई पीढ़ियां गुजर जातीं।
प्रधानमंत्री ने नौकरशाही की धीमी कार्यप्रणाली और परियोजनाओं में देरी को लेकर भी पुरानी सरकारों पर निशाना साधा।
2014 के बाद मिली परियोजना को रफ्तार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र में सरकार बनने के बाद अटकी हुई परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया गया।
उन्होंने गुजरात से दिल्ली तक के अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि गुजरात की जनता से मिले अनुभव और सीख को उन्होंने केंद्र सरकार के कामकाज में लागू करने की कोशिश की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र में पहुंचने के बाद सरकार ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को तेजी से पूरा करने का काम किया।
व्यापार और माल परिवहन को मिलेगा फायदा
वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को देश के व्यापार और माल परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसके जरिए औद्योगिक केंद्रों और प्रमुख बंदरगाहों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
मालगाड़ियों के लिए अलग कॉरिडोर उपलब्ध होने से सामान्य रेलवे लाइनों पर भी दबाव कम होने की संभावना है। इससे यात्री और माल दोनों तरह के रेल परिवहन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी के वडोदरा दौरे में फ्रेट कॉरिडोर के अलावा रेलवे और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई अन्य विकास परियोजनाओं को भी गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।