भगवंत मान ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि संवेदनशील घटनाओं और पीड़ित परिवारों के मामलों पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता पीड़ित के गांव पहुंचकर मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास कर रहे थे।
पीड़ित गांव पहुंचने को लेकर कांग्रेस पर निशाना
मुख्यमंत्री मान ने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं के गांव पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उन्हें वहां से जाने के लिए कहा। उन्होंने वीडियो साझा करते हुए इसे कांग्रेस की कथित राजनीति का उदाहरण बताया।
मान ने कहा कि पंजाब के लोग संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति को स्वीकार नहीं करते हैं और इस तरह के मामलों में सभी पक्षों को जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए।
मान का दावा- सभी आरोपी गिरफ्तार
भगवंत मान ने कहा कि संबंधित मामले में पुलिस पहले ही कार्रवाई कर चुकी है। उन्होंने दावा किया कि पीड़ित परिवार की निशानदेही पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, मामले में कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में घटना और आरोपियों से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।
नशे के मुद्दे पर अकाली दल, बीजेपी और कांग्रेस को घेरा
पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भी मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने अकाली दल, बीजेपी और कांग्रेस की पूर्व सरकारों को राज्य में नशे की समस्या के लिए जिम्मेदार ठहराया।
मान ने कहा कि उनकी सरकार नशा तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की प्राथमिकता राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है।
पंजाब में AAP-कांग्रेस के बीच बढ़ सकता है सियासी टकराव
भगवंत मान के इस बयान के बाद पंजाब में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है।
वहीं, इस पूरे मामले को लेकर पंजाब की राजनीति में आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच सियासी आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं।