मामला कलुआही प्रखंड के मध्य विद्यालय हरिपुर गौड़ी टोल का है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है। जांच के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखाई दे रही पिस्टल असली हथियार नहीं थी।
जन्माष्टमी पर स्कूल परिसर में हुआ ऑर्केस्ट्रा
बताया जा रहा है कि जन्माष्टमी के दिन स्कूल परिसर में पूजा कार्यक्रम के दौरान ऑर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया था। वायरल वीडियो में डांस कार्यक्रम के दौरान एक डांसर हाथ में पिस्टल जैसी वस्तु लहराती दिखाई दे रही है। साथ ही उसके मुंह में सिगरेट भी नजर आ रही है।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सरकारी स्कूल परिसर में इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन को लेकर सवाल खड़े हो गए।
पुलिस जांच में नकली निकली पिस्टल
कलुआही थानाध्यक्ष पायल भारती ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए संबंधित नर्तकी को थाने बुलाकर पूछताछ और सत्यापन किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि जिस वस्तु को पिस्टल समझा जा रहा था, वह असली हथियार नहीं बल्कि सिगरेट लाइटर था। पुलिस ने उसे जब्त कर लिया है।
पुलिस ने नर्तकी और कार्यक्रम के आयोजकों को भविष्य में इस तरह की गतिविधि दोबारा नहीं करने की चेतावनी दी है।
DEO ने जारी किया आदेश
मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी मधुबनी ने 8 सितंबर 2026 को आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि विभागीय अनुमति और निर्देश के बिना किसी भी सरकारी विद्यालय परिसर में किसी कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक नहीं देंगे।
शिक्षा विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि स्कूल परिसर में ऑर्केस्ट्रा आयोजन के लिए पूजा समिति को विभाग से अनुमति मिली थी या नहीं।
शिक्षा विभाग को लिखा गया पत्र
पुलिस का कहना है कि सरकारी स्कूल परिसर में इस तरह के आयोजन की अनुमति को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेजा गया है। मामले में स्कूल प्रबंधन और कार्यक्रम आयोजकों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
सरकारी विद्यालय परिसर में जन्माष्टमी के नाम पर हुए इस आयोजन का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है।