जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में करीब दो महीने पुराने कोसा ब्लाइंड मर्डर केस का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में भाई-बहन समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान पुलिस ने ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ टेस्ट जैसी तकनीकों का सहारा लिया और 200 से अधिक मोबाइल टावर डंप की जांच की।

तालाब के पास मिला था युवक का शव

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मामला मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम कोसा का है। पुलिस के मुताबिक, 27 जून की रात अमित भंडारी घर से निकला था। इसके बाद 29 जून की सुबह उसका शव अमहदा तालाब के पास एक सुनसान बाड़ी में मिला था। घटना के बाद पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए कई एंगल से जांच शुरू की।

जांच में पुलिस को पता चला कि अमित का गांव की ही एक शादीशुदा महिला संतोषी सिंह से कथित तौर पर पुराना प्रेम संबंध था। शादी के बाद भी दोनों के बीच बातचीत जारी रहने की बात सामने आई।

रात में मिलने पहुंचा था अमित

पुलिस के अनुसार, घटना वाली रात अमित और संतोषी के बीच करीब डेढ़ बजे तक फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद रात करीब ढाई बजे अमित कथित तौर पर संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा।

इसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह वहां पहुंच गया। पुलिस का दावा है कि दोनों के बीच विवाद हुआ और मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान अमित का सिर दीवार से टकरा गया। आरोप है कि इसके बाद बजरंग ने छोटे फावड़े से अमित पर हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई।

शव झाड़ियों में छिपाने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद अमित के शव को झाड़ियों में छिपा दिया गया था। अगले दिन बजरंग ने कथित तौर पर अपने भाई पप्पू को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस जांच में दोनों भाइयों और महिला की भूमिका सामने आई।

पुलिस ने मामले में भाई-बहन समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि मामले की जांच में आधुनिक तकनीकों के साथ मोबाइल टावर डंप और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

नोट: हत्या से जुड़े आरोप पुलिस की जांच और दावे पर आधारित हैं। मामले में आरोपियों की दोषसिद्धि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगी।
Published By- | 10-Sep-2026 10:50:00 am