परिजनों का आरोप है कि छात्रा कथित छेड़छाड़ और लगातार परेशान किए जाने से मानसिक तनाव में थी। परिवार के मुताबिक, छात्रा जब कॉलेज जाने के लिए घर से निकलती थी, तब आरोपी किशोर उसका पीछा करता और उसे परेशान करता था। उस पर छात्रा से मिलने के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया है।
परिजनों ने पहले भी समझाने का किया था प्रयास
परिवार के अनुसार, आरोपी किशोर की हरकतों को लेकर उसे पहले भी समझाने का प्रयास किया गया था, लेकिन कथित तौर पर उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। परिजनों का आरोप है कि किशोर छात्रा की मां और भाइयों के नाम नोट लिखकर खुद को नुकसान पहुंचाने की धमकी देता था।
परिवार का यह भी कहना है कि छात्रा को परेशान किए जाने की जानकारी पहले मौखिक रूप से पुलिस तक पहुंचाई गई थी।
3 सितंबर को बिगड़ी तबीयत
जानकारी के मुताबिक, 3 सितंबर को छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उसे पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में छात्रा का करीब तीन दिनों तक इलाज चला, लेकिन हालत गंभीर होने के बाद रविवार शाम उसकी मौत हो गई।
पढ़ाई में अच्छी थी छात्रा
परिजनों ने बताया कि छात्रा पढ़ाई में अच्छी थी और 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने कॉलेज में प्रवेश लिया था। वह अपनी मां के साथ रहती थी। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि दोनों भाई रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं।
छात्रा की मौत के बाद परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल से प्राप्त मेमो के आधार पर जिला अस्पताल चौकी में मृतका के परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।