विभाग के आदेश के अनुसार, यह नई व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी। इसका मुख्य उद्देश्य शराब बिक्री में पारदर्शिता बढ़ाना और ओवररेटिंग जैसी शिकायतों पर रोक लगाना है।
QR कोड से होगा भुगतान
नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रीमियम शराब दुकानों पर ग्राहकों को निर्धारित कीमत का भुगतान डिजिटल माध्यम से करना होगा। इसके लिए दुकानों पर QR कोड उपलब्ध कराया जाएगा। ग्राहक QR कोड स्कैन कर सीधे ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे।
ओवररेटिंग पर लगेगा अंकुश
प्रीमियम शराब दुकानों पर निर्धारित कीमत से ज्यादा राशि वसूलने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कैशलेस व्यवस्था लागू होने के बाद हर डिजिटल भुगतान का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे ग्राहक द्वारा किए गए भुगतान और शराब की निर्धारित कीमत के बीच अंतर की जांच करना आसान होगा।
डिजिटल रिकॉर्ड से बढ़ेगी पारदर्शिता
आबकारी विभाग का मानना है कि ऑनलाइन भुगतान से शराब बिक्री की पूरी प्रक्रिया पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी। डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड के जरिए किसी भी गड़बड़ी या ओवररेट की शिकायत की जांच में मदद मिलेगी।
इस फैसले के बाद 1 अक्टूबर से प्रदेश की 49 प्रीमियम शराब दुकानों पर नकद भुगतान की जगह डिजिटल पेमेंट व्यवस्था लागू हो जाएगी।