नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर लंबे समय से जारी तनाव के बीच अब वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। रक्षा मंत्रालय की ताजा जानकारी के अनुसार, 2025-26 के दौरान चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने LAC पर अपनी सैन्य तैनाती में काफी कमी की है।

मंत्रालय के मुताबिक, उत्तरी सीमाओं पर लगातार राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर की बातचीत के बाद हालात पहले की तुलना में अधिक स्थिर हुए हैं।

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LAC पर 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड की तैनाती

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, LAC से लगे इलाकों और पारंपरिक ट्रेनिंग ग्राउंड्स में चीनी सेना की तैनाती घटकर कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड के आकार की करीब 10 टुकड़ियों तक रह गई है।

हालांकि, चीनी सैनिकों की संख्या में कमी के बावजूद भारतीय सेना ने LAC पर अपनी सतर्कता कम नहीं की है। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि भारतीय सेना सभी सेक्टरों में मजबूत स्थिति में है और किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

बातचीत से बनी बेहतर स्थिति

भारत-चीन सीमा पर हालात में सुधार के पीछे दोनों देशों के बीच लगातार जारी बातचीत को अहम माना जा रहा है। वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) के 33वें और 34वें दौर की बैठकें हुई हैं। इसके अलावा विशेष प्रतिनिधियों के स्तर पर भी बातचीत जारी रही है।

अगस्त 2025 में तियानजिन में SCO सम्मेलन के दौरान और हाल में नई दिल्ली में हुए BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई। इन मुलाकातों से दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की कोशिशों को गति मिली है।

बॉर्डर मीटिंग्स भी जारी

सैन्य स्तर पर भी भारत और चीन के बीच संवाद जारी है। कोर कमांडर स्तर की बैठकों के साथ अलग-अलग सेक्टरों में बॉर्डर पर्सनल मीटिंग्स भी हो रही हैं। बताया गया है कि इन बैठकों का माहौल पहले की तुलना में सौहार्दपूर्ण रहा है।

इन बैठकों का उद्देश्य सीमा पर किसी भी तरह की गलतफहमी और संभावित तनाव को बातचीत के जरिए समय रहते दूर करना है।

वैश्विक स्तर पर भी अहम हैं भारत-चीन संबंध

BRICS सम्मेलन के दौरान मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात में दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार और सीमा पर शांति बनाए रखने पर जोर दिया गया। दोनों देशों के बीच स्थिर संबंधों को वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

LAC पर चीनी सैनिकों की तैनाती में कमी और लगातार जारी सैन्य-कूटनीतिक संवाद को भारत-चीन संबंधों में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौटने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
Published By- | 14-Sep-2026 02:48:00 pm