विजय शर्मा ने दी थी खुली बहस की चुनौती
PM आवास योजना को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा सरकार पर सवाल उठाती रही है। वहीं, भाजपा सरकार सत्ता में आने के बाद प्रदेश में 18 लाख PM आवास बनाने का लक्ष्य बता चुकी है। इसी मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को खुली बहस की चुनौती दी थी।
विजय शर्मा ने कहा था कि वे PM आवास योजना के मुद्दे पर भूपेश बघेल से कहीं भी चर्चा के लिए तैयार हैं। उन्होंने बहस का मंच और विषय तय करने की जिम्मेदारी प्रेस क्लब पर छोड़ दी थी।
भूपेश बघेल ने स्वीकार की चुनौती
विजय शर्मा की चुनौती को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वीकार कर लिया। बघेल ने 15 सितंबर को रायपुर प्रेस क्लब में PM आवास के मुद्दे पर बहस के लिए सहमति जताई। उन्होंने कहा था कि वे ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के अन्य नेता भी इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं।
अब दोनों नेताओं के आमने-सामने आने से यह बहस छत्तीसगढ़ की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम मानी जा रही है।
बहस से पहले विजय शर्मा ने जारी किए आंकड़े
बहस से पहले उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की ओर से PM आवास योजना से जुड़े आंकड़े जारी किए गए हैं। जारी दस्तावेज के मुताबिक, 18 लाख आवासों के लक्ष्य से जुड़े विभिन्न घटकों में कुल 18,12,742 आवास शामिल हैं।
आंकड़ों के अनुसार, नई सरकार के गठन के बाद 13,17,352 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 11,51,431 आवास पूर्ण हो चुके हैं।
अधूरे आवासों और प्रतीक्षा सूची का भी जिक्र
दस्तावेज में वर्ष 2016 से 2023 तक शेष अधूरे आवासों की संख्या 2,46,215 बताई गई है। इनमें से 1,95,441 आवास पूर्ण किए जाने का दावा किया गया है।
वहीं, स्थायी प्रतीक्षा सूची में शामिल परिवारों के लिए 6,99,438 आवास का विवरण दिया गया है। इनमें से 5,86,788 आवास नई सरकार के गठन के बाद स्वीकृत हुए और 4,69,782 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।
इसके अलावा आवास प्लस के तहत 8,19,999 परिवारों और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 47,090 आवासों का भी दस्तावेज में उल्लेख किया गया है।
प्रेस क्लब में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
भूपेश बघेल और विजय शर्मा के आमने-सामने होने को लेकर रायपुर प्रेस क्लब में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रेस क्लब परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया है। आसपास के इलाकों में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
अब सभी की नजर आज होने वाली इस बहस पर है। दोनों नेता PM आवास योजना को लेकर अपने-अपने आंकड़े और दावे सामने रखेंगे। देखना होगा कि बहस के दौरान कौन किसके सवालों का क्या जवाब देता है और PM आवास योजना के मुद्दे पर किसके तर्क भारी पड़ते हैं।