इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मैरिज ऐप के जरिए एक युवक से संपर्क कर आरोपियों ने वीडियो कॉल रिकॉर्ड की और कथित तौर पर AI तकनीक की मदद से उसमें छेड़छाड़ कर आपत्तिजनक वीडियो तैयार कर लिया। इसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर युवक से 10 लाख रुपये की मांग की गई। बदनामी के डर से पीड़ित ने अलग-अलग खातों में कुल 72 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।

पीड़ित की शिकायत पर एरोड्रम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Join Our Whatsapp Group
मैरिज ऐप के जरिए बनाया संपर्क

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित प्रदीप ने शिकायत में बताया कि 28 अगस्त को उसके मोबाइल पर 'संगम मैरिज ऐप' से जुड़ी एक महिला के नंबर से वीडियो कॉल आया था। बातचीत के दौरान महिला ने शादी को लेकर चर्चा की और सामान्य तरीके से वीडियो कॉल पर बातचीत की।

पीड़ित का आरोप है कि इसी दौरान वीडियो कॉल को रिकॉर्ड कर लिया गया। बाद में आरोपियों ने रिकॉर्डिंग और तस्वीरों के साथ AI तकनीक का इस्तेमाल कर कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो तैयार किया और उसे वायरल करने की धमकी देने लगे।

10 लाख रुपये की मांगी गई रकम

वीडियो वायरल करने की धमकी देकर आरोपियों ने युवक से 10 लाख रुपये की मांग की। घबराए युवक ने शुरुआत में आरोपियों के बताए बैंक खाते में 12 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।

इसके बाद आरोपियों ने दबाव बनाकर दूसरे खाते में करीब 60 हजार रुपये और जमा करवा लिए। इस तरह युवक से कुल 72 हजार रुपये की रकम ट्रांसफर कराई गई।

खुद को पुलिस अधिकारी बताकर डराया

पुलिस के अनुसार, पैसे लेने के बाद भी आरोपियों की मांग जारी रही। इसके बाद एक अन्य नंबर से फोन और ई-मेल आने लगे। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और दावा किया कि उदयपुर में एक महिला ने युवक के खिलाफ शिकायत की है।

लगातार कानूनी कार्रवाई और वीडियो वायरल करने की धमकी मिलने से युवक तनाव में आ गया। इसके बाद उसने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी।

एरोड्रम पुलिस ने दर्ज किया केस

एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के निर्देश पर एरोड्रम थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच में AI तकनीक के दुरुपयोग और साइबर ठगी से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया गया है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
Published By- | 15-Sep-2026 11:20:00 am