प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना
मुख्यमंत्री साय ने भगवान लिंगराज के दर्शन को सौभाग्य बताते हुए मंदिर के आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति और प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
साय का ओडिशा दौरा 20 से 21 सितंबर तक निर्धारित था। दौरे के दौरान उनके भुवनेश्वर और पुरी में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने का कार्यक्रम रहा।
लिंगराज मंदिर की स्थापत्य कला की सराहना
मुख्यमंत्री ने लिंगराज मंदिर की भव्य स्थापत्य कला और प्राचीन शिल्प परंपरा की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के प्राचीन मंदिर केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सभ्यता, संस्कृति और वास्तुकला की विरासत को भी दर्शाते हैं।
लिंगराज मंदिर ओडिशा के प्रमुख प्राचीन मंदिरों में शामिल है और इसकी वास्तुकला कलिंग शैली की विशेषताओं के लिए जानी जाती है।
ओडिशा-छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख
मुख्यमंत्री साय ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य पड़ोसी होने के साथ-साथ लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत के स्तर पर भी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी यात्राएं दोनों राज्यों के बीच साझा सांस्कृतिक चेतना और आत्मीय संबंधों को और मजबूत करने का माध्यम बनती हैं।
ओडिशा दौरे में CM माझी से भी मुलाकात
मुख्यमंत्री साय ने अपने ओडिशा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच दोनों राज्यों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।