आखिरी सेट में पलटा मुकाबला
फाइनल मुकाबले की शुरुआत भारत के लिए चुनौतीपूर्ण रही। पहले सेट के बाद भारतीय टीम चीन से 58-60 से पीछे थी। हालांकि भारतीय तीरंदाजों ने धैर्य बनाए रखा और इसके बाद शानदार वापसी की।
साहिल जाधव, गणेश और कुशल ने लगातार बेहतरीन निशाने लगाए। भारतीय तिकड़ी ने लगातार 19 बार परफेक्ट-10 स्कोर कर मुकाबले में जबरदस्त दबाव बनाया। तीसरे सेट के बाद भी चीन 179-178 से आगे था, जिससे मुकाबला बेहद रोमांचक स्थिति में पहुंच गया।
आखिरी सेट में चीन से हुई गलती
फाइनल सेट के पहले ही शॉट में चीन के एक तीरंदाज ने 10 के बजाय 8 अंक हासिल किए। इस गलती का भारतीय टीम ने पूरा फायदा उठाया और बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद भारतीय तीरंदाजों ने आखिरी सेट में 60 का परफेक्ट स्कोर किया।
भारत ने कुल 238 अंक हासिल किए, जबकि चीन की टीम 237 अंक तक ही पहुंच सकी। इस तरह भारत ने एक अंक के अंतर से मुकाबला जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
तीरंदाजी में भारत की गोल्डन हैट्रिक
30 सितंबर को भारत ने तीरंदाजी में लगातार तीन गोल्ड मेडल जीतकर गोल्डन हैट्रिक पूरी की। सबसे पहले कंपाउंड महिला टीम इवेंट में भारत ने चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
इसके बाद कंपाउंड मिक्स्ड इवेंट में साहिल और चिकिता की जोड़ी ने भारत के लिए गोल्ड जीता। अब मेंस कंपाउंड टीम इवेंट में साहिल, गणेश और कुशल ने चीन को हराकर तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया।
इस जीत के साथ भारतीय तीरंदाजी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन में तीन गोल्ड मेडल अपने नाम किए।